CJP Protest Warning: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना देशव्यापी आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है, लेकिन सरकार के खिलाफ उसकी नाराजगी अभी भी बरकरार है। सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आंदोलन समाप्त कराने के दौरान किए गए समझौते का पालन नहीं किया। CJP ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो पार्टी एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आंदोलन स्थगित करने से पहले सरकार ने भरोसा दिलाया था कि किसी भी छात्र या प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन इसके बावजूद बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत कई राज्यों में छात्रों और आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार द्वारा किए गए समझौते का उल्लंघन है।
We won’t tolerate any police brutality or molestation of our protesters. To take legal action against this misconduct, we need your help.
We’ve launched the Saakshi platform to document every instance from the July 20 Chalo Sansad March. Securely upload your videos & photos now.… pic.twitter.com/QVQX7dIgQh
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 27, 2026
कपिल सिब्बल ने दिया कानूनी मदद का भरोसा
दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेता आशुतोष रांका, प्रवक्ता सौरव दास और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे। कपिल सिब्बल ने CJP के कानूनी सहायता कोष में एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस फंड में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आंदोलन से जुड़े छात्रों और प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। सिब्बल ने कहा कि वह पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में पूरी मदद करेंगे।
My Press Conference with leaders of CJP on giving legal aid to protestors who are being unjustly targeted.
Full Video link 👇https://t.co/pWXRhWfOvf pic.twitter.com/IAmNprJ0i7
— Kapil Sibal (@KapilSibal) July 27, 2026
बिहार सरकार का बड़ा फैसला
इस बीच बिहार सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले राज्य में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के इस फैसले को आंदोलनकारियों के लिए राहत माना जा रहा है। हालांकि CJP का कहना है कि देश के अन्य राज्यों में अब भी छात्रों पर कार्रवाई जारी है, इसलिए केवल बिहार का फैसला पर्याप्त नहीं है।
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CJP का दावा- कई राज्यों में जारी है कार्रवाई
इससे पहले सोमवार सुबह सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों एवं प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन सरकार के आश्वासन पर स्थगित किया गया था, लेकिन यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो यह देश के लाखों युवाओं के विश्वास के साथ धोखा होगा।
दोबारा आंदोलन की चेतावनी
CJP ने स्पष्ट किया कि यदि गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। पार्टी का कहना है कि वह छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद CJP ने बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ करीब 2-3 घंटे तक बैठक हुई। पार्टी के मुताबिक, बिहार और असम सरकार की ओर से FIR वापस लेने, भविष्य में कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई से जुड़े नोटिफिकेशन साझा किए गए हैं। CJP का दावा है कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा/NDA शासित राज्यों की ओर से भी ऐसे ही गारंटी नोटिफिकेशन जल्द जारी किए जाएंगे। पार्टी ने कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
#Important: 1 AM update.
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से निकलने के बाद वे राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह लद्दाख रवाना हो गए। वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया था।
सोनम वांगचुक ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार सकारात्मक संवाद के जरिए इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालेगी। वांगचुक ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (संशोधन) विधेयक को अच्छा कदम बताया और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, जबकि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।
#WATCH | Delhi | On Dharmendra Pradhan’s resignation, Activist Sonam Wangchuk says, “…The resignation is just the beginning. If the issue is acknowledged and addressed from this point onward, our country will become a better place, a process that, in my view, is already… pic.twitter.com/d8UapS3xzi
— ANI (@ANI) July 27, 2026
वांगचुक बोले- गांधीजी का रास्ता आज भी प्रभावी
राजघाट में मीडिया से बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक ने कहा कि वह बापू को श्रद्धांजलि देने और देश को यह संदेश देने आए हैं कि महात्मा गांधी का अहिंसा और सत्य का मार्ग आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 100 साल पहले था। उन्होंने कहा कि पिछले पांच-छह वर्षों से लद्दाख में उन्होंने गांधीजी के अहिंसक आंदोलन के मार्ग को अपनाया है और इससे सकारात्मक परिणाम मिले हैं। हालिया आंदोलन ने उनका विश्वास और मजबूत किया है कि आज भी अहिंसा और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान संभव है। वांगचुक ने यह भी कहा कि उनके मन में किसी के प्रति नफरत नहीं है और गांधीजी की सीख के अनुसार गलत काम का विरोध होना चाहिए, व्यक्ति का नहीं।
VIDEO | Delhi: After paying tribute to Mahatma Gandhi at Raj Ghat, environmental activist Sonam Wangchuk says, “I wanted to remember Bapu (Mahatma Gandhi) at Raj Ghat, thank him, and show the nation that the path he showed is as relevant today as it was 100 years ago.”
On… pic.twitter.com/wzCFqdji8H
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026
हालांकि CJP ने अपना आंदोलन फिलहाल समाप्त कर दिया है, लेकिन सरकार और पार्टी के बीच टकराव खत्म होता नहीं दिख रहा। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और दर्ज मुकदमों को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज होने की संभावना बनी हुई है।
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