US-Iran Hormuz Strait Deal: अमेरिका और ईरान के बीच रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों के बीच बुधवार तक समझौता होने की संभावना है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बातचीत केवल होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बहाल करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अलग से समझौता किया जाएगा, जबकि अमेरिका का अंतिम उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है।
अमेरिका का दावा- होर्मुज का दक्षिणी मार्ग पूरी तरह सुरक्षित
इसी बीच, अमेरिका ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट का दक्षिणी मार्ग सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला और सुरक्षित है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में अमेरिकी बलों ने ईरान की आक्रामक गतिविधियों के बावजूद 1,000 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रूप से इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने में सहायता की है और यह अभियान अब भी जारी है।
The southern route through the Strait of Hormuz remains free and open for all commercial vessels seeking to transit the international waterway. Over the past three months, U.S. forces have assisted more than 1,000 vessels in successfully transiting the strait despite unwarranted… pic.twitter.com/TcszH0GimG
— U.S. Central Command (@CENTCOM) August 4, 2026
ईरान-ओमान के बीच नए समुद्री मार्ग पर चर्चा
दूसरी ओर, ईरान ने पुष्टि की है कि वह ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अस्थायी और सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार करने पर बातचीत कर रहा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश करने वाले सभी जहाजों पर ईरान का नियंत्रण रहेगा, जबकि स्ट्रेट से बाहर निकलने वाले जहाजों को ओमान वैकल्पिक मार्ग से क्लियरेंस देगा। हालांकि, ओमान किसी भी जहाज को अनुमति देने से पहले उसकी जानकारी ईरान को देगा।
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ईरान के विदेश मंत्री अराघची का दावा- शांति समझौते के लिए अमेरिका के सामने रखीं ये शर्तें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि अमेरिका के साथ जारी वार्ता में ईरान ने कई प्रमुख शर्तें रखी हैं। उनके मुताबिक, ईरान ने अमेरिका से नौसैनिक नाकेबंदी तत्काल समाप्त करने, भविष्य में किसी भी सैन्य हमले से परहेज की गारंटी देने, आर्थिक प्रतिबंधों में तत्काल राहत देने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने का अधिकार देने की मांग की है।
US-Iran peace deal update:
-Iran is demanding that the US immediately lifts naval blockade, gives assurances of no more strikes.
-Immediate sanctions relief and the ability to charge tolls in the Strait of Hormuz.
US demands:
-US has rejected tolls in the Strait of Hormuz…— Syed Abbas Araghchi Commentary (@Araghchhi) August 4, 2026
वहीं, अराघची के अनुसार अमेरिका ने होर्मुज में टोल वसूली की मांग को खारिज कर दिया है और ईरान से यह गारंटी मांगी है कि उसके समर्थित प्रॉक्सी समूह अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमला नहीं करेंगे। अमेरिका का कहना है कि पहले होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोला जाए और ईरान अपनी ओर से भरोसा बढ़ाने वाले कदम उठाए, उसके बाद ही आगे की रियायतों पर विचार किया जाएगा।
समझौते की उम्मीद से तेल की कीमतों में गिरावट
होर्मुज स्ट्रेट पर संभावित समझौते की खबर के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक असर देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई, जबकि अमेरिका का डाउ जोंस इंडेक्स 54,000 अंक के ऊपर बंद होकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर बना दबाव कम होगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आएगी।
रुबियो बोले- बातचीत में हुई प्रगति
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पराग्वे के विदेश मंत्री रूबेन रामिरेज लेजकानो के साथ परमाणु सहयोग से जुड़े एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए ईरान के साथ चल रही वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
उन्होंने दोहराया कि समुद्री मार्ग खोलना फिलहाल प्राथमिकता है, जबकि परमाणु मुद्दे पर आगे अलग स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।
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