Atiq Ahmed Son Funeral: माफिया डॉन अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे अबान को शनिवार शाम प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अबान को उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में दफनाया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कब्रिस्तान और आसपास के इलाकों में एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
अबान के तीनों भाई अली, उमर और अहजम अंतिम संस्कार में मौजूद रहे और उन्होंने भाई के जनाजे को कंधा दिया। इस दौरान भावुक माहौल रहा। हालांकि, अबान की मां शाइस्ता परवीन जनाजे में शामिल नहीं हुईं। शाइस्ता 2023 से फरार चल रही हैं। इससे पहले वह अपने पति अतीक अहमद और बेटे असद के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई थीं।
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh: Last rites of deceased mafia Atiq Ahmed’s son Aban performed at the Kasari Masari graveyard in Prayagraj today. pic.twitter.com/3jH0DsNEtX
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 8, 2026
जनाजे में उमड़ी हजारों की भीड़
अबान के जनाजे में करीब 5 से 6 हजार लोग पहुंचे। शव को कब्रिस्तान ले जाते समय बड़ी संख्या में लोग उसके पीछे चल रहे थे। जब भीड़ कब्रिस्तान के अंदर जाने लगी तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।
प्रयागराज: #अतीक अहमद के बेटे #अबान के जनाजे में पुलिस का लाठीचार्ज!
दरअसल, जैसे ही अबान के भाई अली, उमर और अहजम जेल से कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचे हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग बैरिकेड तोड़कर कब्रिस्तान में घुसने लगे. कानून-व्यवस्था ना बिगड़े इसलिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. pic.twitter.com/uU4KK1EWRM
— Ashish Mishra (@AshishMisraRBL) August 8, 2026
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को पीछे हटाया। कुछ लोगों को पुलिसकर्मियों ने धक्का देकर और थप्पड़ मारकर हटाया। एक पुलिसकर्मी द्वारा कुछ लोगों को बंदूक की बट से मारने की बात भी सामने आई। बाद में पुलिस ने भीड़ को कब्रिस्तान से बाहर खदेड़ दिया।
अली और उमर को मिली थी पैरोल
अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके भाई अली अहमद और उमर अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिली थी। अली झांसी जेल में, जबकि उमर लखनऊ जेल में बंद है। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया।
Lucknow, Uttar Pradesh: Police escorted mafia-turned-politician Atiq Ahmed’s son Mohammad Umar from Lucknow District Jail to Prayagraj under tight security. Umar will attend the funeral of his younger brother, Aban. According to the police, Umar is expected to reach Hatwa village… pic.twitter.com/rClDF5NXRt
— IANS (@ians_india) August 8, 2026
अली को शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे झांसी जेल से पुलिस टीम प्रयागराज के लिए लेकर रवाना हुई। करीब 400 किलोमीटर के इस सफर के दौरान पुलिस वैन पर पर्दे लगाए गए थे, ताकि उसका चेहरा सार्वजनिक रूप से नजर न आए। वहीं उमर को लखनऊ जेल से दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रयागराज के लिए रवाना किया गया।
उमर शाम करीब साढ़े 4 बजे प्रयागराज पहुंचा, जबकि अली करीब साढ़े 5 बजे पहुंचा। दोनों को पुलिस सुरक्षा में कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया।
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चार साल बाद भाइयों की मुलाकात
अली और उमर को करीब चार साल बाद पहली बार पैरोल मिली थी। प्रयागराज पहुंचने के बाद दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद उन्होंने मस्जिद में नमाज पढ़ी और अबान की अंतिम रस्म में शामिल हुए।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कब्रिस्तान के अंदर केवल परिवार और करीबी रिश्तेदारों को जाने की अनुमति दी। हाईकोर्ट की पैरोल शर्तों के मुताबिक अली और उमर को अपने भाई अहजम और बुआ से मुलाकात की अनुमति थी। पुलिस ने कब्रिस्तान से कुछ दूरी पर मस्जिद के बाहर परिवार से मुलाकात की व्यवस्था कराई थी।
करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद पुलिस दोनों को वापस लेकर रवाना हो गई। अली को झांसी जेल और उमर को लखनऊ जेल ले जाया गया।
भाई अली से मिलने जा रहा था अबान
अबान की मौत गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में हुई थी। बताया गया कि वह अपने भाई अली से मिलने झांसी जेल जा रहा था। वह एक क्रेटा कार में अपने चार दोस्तों के साथ सवार था।
सुबह करीब 10:30 बजे हाईवे पर एक जानवर को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य दोस्त घायल हो गए।
Jhansi, Uttar Pradesh: A high-speed Creta car carrying five people lost control and crashed into a divider in the Poonch police station area. Two people, Aabaan Ahmed and Sonu, died on the spot, while three others Jahad, Umar, and Ahzam were injured and are undergoing treatment… pic.twitter.com/iaoxW57urD
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
हादसे के बाद अबान और सोनू के शव शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज लाए गए। इसके बाद अबान के शव को हटवा गांव ले जाया गया, जहां उसकी बुआ का घर है। अतीक का घर गिराए जाने के बाद अबान यहीं रह रहा था।
एक ही कब्रिस्तान में दफन हैं परिवार के कई सदस्य
अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया। इसी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र है। इसके अलावा उसके चाचा अशरफ, भाई असद और दादा फिरोज अहमद की कब्रें भी यहीं हैं।
#WATCH | Uttar Pradesh: Last rites of Mafia-turned-politician Atiq Ahmed’s son Asad being performed at Prayagraj’s Kasari Masari graveyard.
Asad and his aide Ghulam were killed in an encounter on April 13 by UP STF. pic.twitter.com/IX1R9Qf8yg
— ANI (@ANI) April 15, 2023
अबान की अंतिम विदाई के दौरान कब्रिस्तान के आसपास पुलिस का भारी पहरा रहा। प्रशासन की कोशिश थी कि बड़ी भीड़ के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। इसके बावजूद जनाजे के दौरान कुछ समय के लिए भीड़ और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित कर लिया।
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