Chamoli Tunnel Accident Update: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। मायापुर में THDC की करीब 3 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन टनल में लैंडस्लाइड के बाद अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ। देखते ही देखते टनल के अंदर मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी फंसे मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया।
हादसे में 7 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2 अन्य मौतों की पुष्टि अभी बाकी बताई जा रही है। रेस्क्यू किए गए मजदूरों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। आधिकारिक तौर पर पुष्टि किए गए मृतकों में मुकेश, प्रदीप पंवार, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र, लकेश्वर और घुनेश्वर के नाम सामने आए हैं।
VIDEO | Uttarakhand: Seven people died and several others sustained injuries on Thursday after water and debris entered a tunnel under construction at a hydroelectric project site in Chamoli district. Latest visuals from the spot and rescue operations continue.… pic.twitter.com/kUqI23A86w
— Press Trust of India (@PTI_News) August 14, 2026
शाम करीब 7 बजे हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 7 बजे हुआ। पीपलकोटी के मायापुर में THDC की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का रिसाव और भू-स्खलन हुआ। इसके बाद टनल में बड़ी मात्रा में पानी और मलबा जमा हो गया। उस समय अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों को अलर्ट किया गया। टनल के अंदर पानी और मलबा अधिक होने के कारण बचाव दल के सामने मजदूरों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी।
जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे
मायापुर (पीपलकोटी) में निर्माणाधीन THDC टनल में पानी और मलबा घुसने के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: District Magistrate Gaurav Kumar reached the spot after water and debris entered the under-construction THDC tunnel at Mayapur (Pipalkoti).
(Source: Information Department, Chamoli) pic.twitter.com/cExGIVMVTe
— ANI (@ANI) August 13, 2026
सेना, ITBP, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस, NDRF, SDRF, फायर सर्विस के साथ सेना और ITBP की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हुईं।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। रात 9 बजे तक मौके पर 22 पुलिसकर्मी, NDRF के 27, SDRF के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात थे। इसके अलावा सेना, ITBP, NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल के लिए रवाना की गई थीं।
पानी और मलबा हटाकर मजदूरों तक पहुंची टीमें
टनल के भीतर पानी और मलबा भर जाने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टीमें लगातार पानी निकालने और मलबा हटाने में जुटी रहीं। इसके साथ ही अंदर फंसे मजदूरों की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया।
लगातार चले अभियान के बाद फंसे मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
Visual of ongoing rescue operation inside tunnel, where landslide happened on Thursday, in Chamoli Uttarakhand. pic.twitter.com/sfVQInSXuY
— Sunil kumar (@sunilt2190) August 14, 2026
A horrifying disaster inside the Chamoli, Uttarakhand tunnel.
A sudden leak triggered a torrent of water and mountain debris, turning the tunnel into a deadly quagmire. Six workers have died, two are still missing, and around 14 others remain injured and under treatment.
With… pic.twitter.com/TXkoKo8W1g
— Kailash Vashi (@KailashVashi) August 14, 2026
22 लोगों का रेस्क्यू, 7 की मौत
मायापुर में निर्माणाधीन THDC टनल में हुए हादसे के बाद अब तक 22 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि बाकी घायल मजदूरों का इलाज जिला अस्पताल, गोपेश्वर में चल रहा है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए बेस अस्पताल, श्रीनगर रेफर किया गया है।
Chamoli, Uttarakhand: In a tunnel accident at an under-construction THDC tunnel in Mayapur, 22 people have been rescued so far. Seven people have died, while the remaining injured are undergoing treatment at District Hospital Gopeshwar. One seriously injured person has been… pic.twitter.com/TGooMpY7kI
— IANS (@ians_india) August 13, 2026
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पांच साल पहले भी हुआ था बड़ा टनल हादसा
चमोली जिले में करीब पांच साल पहले भी टनल से जुड़ा बड़ा हादसा हुआ था। 7 फरवरी 2021 को तपोवन क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने तपोवन-विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना की सुरंगों को पानी और मलबे से भर दिया था।
ऋषिगंगा नदी के ऊपरी कैचमेंट में एवलांच के बाद पानी और मलबे का सैलाब आया था। इससे ऋषिगंगा और धौलीगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। इस आपदा से NTPC की निर्माणाधीन 520 मेगावाट तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रोपावर परियोजना भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, उस हादसे में कुल 204 लोग लापता हुए थे। 23 मार्च 2021 तक 80 लोगों के शव बरामद किए गए थे, जिनमें 16 शव तपोवन टनल से मिले थे।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
चमोली टनल हादसे के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC), देहरादून की ओर से राहत-बचाव अभियान और प्रभावित लोगों से जुड़ी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 0135-2710334, 82188 67005 जारी किए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और मृतकों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है।
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