Rajasthan HPCL Refinery Fire: राजस्थान के बालोतरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की पचपदरा रिफाइनरी में शुक्रवार शाम एक बार फिर आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में ऑयल लीकेज के बाद चिंगारी से आग भड़क उठी।
आग लगते ही रिफाइनरी का फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और सायरन बजने लगे। धुआं उठता देखकर मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
A fire broke out at ‘Green Apple Hotel’ on the second floor of Swarup Plaza on Roorkee Road in Muzaffarnagar at around 9:30 pm.
Prima facie, the fire appears to have started from the kitchen chimney while cooking and spread towards the outer side of the hotel.
Three fire… pic.twitter.com/uvY2J56L5O
— Amit Kr Saini (@editoramitsaini) August 14, 2026
उद्घाटन से एक दिन पहले भी लगी थी आग
पचपदरा रिफाइनरी में इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को भी आग लगी थी। यह हादसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुआ था। उस समय रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में आग लगी थी।
यूनिट से धुआं उठने के बाद कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 2 से 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। हादसे के बाद रिफाइनरी में मरम्मत का काम किया गया और 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
बाद में 4 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफाइनरी का उद्घाटन किया।
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4,500 एकड़ में फैली है रिफाइनरी
HPCL की यह रिफाइनरी राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में करीब 4,500 एकड़ यानी लगभग 7,200 बीघा क्षेत्र में बनी है। यहां विदेशों से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस कर पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
रिफाइनरी की सालाना 9 मिलियन टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता बताई गई है।
HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम
पचपदरा रिफाइनरी HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें HPCL की हिस्सेदारी 74%, जबकि राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी 26% है।
करीब 15 साल के लंबे इंतजार के बाद तैयार हुई इस परियोजना में शुरुआती अनुमान की तुलना में करीब 42,229 करोड़ रुपएकी अतिरिक्त लागत आई।
देश की हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी में शामिल
पचपदरा रिफाइनरी की प्रमुख तकनीकी विशेषताओं में इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) करीब 17 होना शामिल है। इसका मतलब है कि रिफाइनरी कम गुणवत्ता वाले और भारी कच्चे तेल को भी पेट्रोल, डीजल और पेट्रोकेमिकल जैसे अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदलने में सक्षम है।
रिफाइनरी के कई बड़े रिएक्टर, कॉलम और टैंक भारत में तैयार किए गए हैं, जबकि कंट्रोल सिस्टम और हाई-प्रेशर कंप्रेसर जैसी तकनीकों में अमेरिका, जापान और यूरोप की विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप फिनिशिंग और वेल्डिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नीदरलैंड के तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
लगातार दूसरी आग से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रिफाइनरी के उद्घाटन से पहले अप्रैल में आग लगने और अब दोबारा CDU में आग की घटना ने रिफाइनरी की फायर सेफ्टी और ऑपरेशनल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, शुक्रवार की घटना में फायर सिस्टम के तुरंत सक्रिय होने और करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाने से बड़ा नुकसान टल गया।
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