BJP New National Team: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। अध्यक्ष पद संभालने के करीब 209 दिन बाद घोषित की गई 65 सदस्यीय टीम में संगठन के स्तर पर कई बड़े बदलाव किए गए हैं। नई टीम में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी जिम्मेदारियां दी गई हैं।
सबसे बड़ा बदलाव भाजपा के IT सेल में हुआ है। लंबे समय से IT सेल की कमान संभाल रहे अमित मालवीय को इस जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। उनकी जगह दीपक म्हस्के को नया IT सेल प्रमुख बनाया गया है। वहीं, लंबे समय बाद राम माधव और स्मृति ईरानी की पार्टी की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।
65 सदस्यीय टीम में 13 उपाध्यक्ष और 8 महासचिव
नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में कुल 65 सदस्य हैं। इनमें 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महासचिव, 16 राष्ट्रीय सचिव और 28 अन्य सदस्य शामिल हैं।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी अपने पद पर बने रहेंगे।
नई टीम में संगठन और चुनावी रणनीति के लिहाज से कई महत्वपूर्ण चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।
छह साल बाद राम माधव की भाजपा में वापसी
नई टीम की सबसे चर्चित नियुक्तियों में राम माधव की वापसी है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
राम माधव अगस्त 2014 से सितंबर 2020 तक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे थे। सितंबर 2020 में जेपी नड्डा की नई टीम के गठन के दौरान उन्हें महासचिव पद से हटा दिया गया था। इसके बाद मार्च 2021 में उन्होंने RSS में वापसी की और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।
अब करीब छह साल बाद भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी हुई है। उनकी संगठनात्मक क्षमता और पूर्वोत्तर तथा जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में पार्टी के विस्तार में निभाई गई भूमिका को देखते हुए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
स्मृति ईरानी को महासचिव की जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद वे केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर हो गई थीं। इसके बावजूद पार्टी संगठन और चुनावी अभियानों में उनकी सक्रियता बनी रही।
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए जोरदार प्रचार किया और बंगाली भाषा में भी कैंपेन किया। अब राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका और बढ़ गई है।
भाजपा के भीतर उनकी नई जिम्मेदारी को आगामी चुनावों की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी उनका इस्तेमाल महत्वपूर्ण राजनीतिक और चुनावी अभियान में कर सकती है।
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अमित मालवीय की जगह दीपक म्हस्के को IT सेल की कमान
भाजपा संगठन में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक IT सेल को लेकर है। अमित मालवीय लंबे समय से भाजपा के डिजिटल और सोशल मीडिया कैंपेन का प्रमुख चेहरा रहे हैं। अब उनकी जगह दीपक म्हस्के को IT सेल की जिम्मेदारी दी गई है।
म्हस्के की पृष्ठभूमि भी काफी अलग है। वे केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें चुनावी डेटा एनालिसिस, कृषि, सरकारी योजनाओं और पब्लिक सेक्टर से जुड़े काम का अनुभव बताया जाता है।
ऐसे में उनकी नियुक्ति को भाजपा के डिजिटल संगठन में डेटा, टेक्नोलॉजी और चुनावी विश्लेषण पर ज्यादा जोर देने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।
पीयूष गोयल फिर बने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
नई टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को फिर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। गोयल 2014 में भी भाजपा के कोषाध्यक्ष रह चुके हैं।
बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद यह जिम्मेदारी राजेश अग्रवाल को दे दी गई थी। अब गोयल की दोबारा नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे वर्तमान में केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री हैं।
भाजपा में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की परंपरा को देखते हुए उनके मंत्री पद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है कि गोयल केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटेंगे।
बिप्लब कुमार देब भी राष्ट्रीय महासचिव
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वे पिछले कुछ चुनावों में पार्टी की संगठनात्मक रणनीति में सक्रिय रहे हैं।
2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वे पार्टी के सह-प्रभारी रहे। दोनों राज्यों में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका रही थी।
राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी से पार्टी के चुनावी संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ सकती है।
हरीश द्विवेदी का भी बढ़ा कद
भाजपा के असम प्रभारी और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को अब पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इससे पहले 14 अगस्त को उन्हें राजस्थान निकाय चुनाव का प्रभारी बनाया गया था।
बस्ती से 2014 और 2019 में सांसद रहे द्विवेदी ने छात्र राजनीति से सफर शुरू किया था और लंबे समय तक भाजयुमो में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
असम में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी है।
यूपी से दो मुस्लिम चेहरे
नितिन नवीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश से तारिक मंसूर और बासित अली को भी शामिल किया गया है।
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में मुस्लिम चेहरों को प्रतिनिधित्व देना पार्टी की व्यापक सामाजिक पहुंच और अलग-अलग समुदायों के बीच संगठन के विस्तार की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण राज्य से जुड़े नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलना भी महत्वपूर्ण है।
12 महिलाओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी
नई राष्ट्रीय टीम में कुल 12 महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर को जिम्मेदारी मिली है।
वहीं स्मृति ईरानी को महासचिव बनाया गया है। इसके अलावा कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा अध्यक्ष और प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।
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यूपी की तीन महिलाओं को प्रतिनिधित्व
महिलाओं के प्रतिनिधित्व में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। नई टीम में यूपी की तीन महिलाओं को जिम्मेदारी मिली है। महाराष्ट्र से दो महिलाओं को जगह मिली है, जबकि अन्य राज्यों से एक-एक महिला को राष्ट्रीय संगठन में शामिल किया गया है।
वसुंधरा राजे और बीएल संतोष बने रहेंगे
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। इसी तरह भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
यह संकेत देता है कि नितिन नवीन ने नई टीम बनाते समय पूरी तरह बदलाव के बजाय अनुभव और निरंतरता के साथ नए चेहरों को जोड़ने की रणनीति अपनाई है।
22 अगस्त को दिल्ली में होगी नई टीम की बैठक
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक 22 अगस्त को दिल्ली में होगी। इस बैठक में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज, आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
खास तौर पर उत्तर प्रदेश समेत उन राज्यों पर फोकस रह सकता है जहां अगले विधानसभा चुनाव होने हैं।
209 दिन पहले संभाली थी अध्यक्ष की जिम्मेदारी
नितिन नवीन ने करीब 209 दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने जेपी नड्डा की जगह पार्टी की कमान संभाली थी और निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए थे।
45 वर्ष की उम्र में नितिन नवीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। अब अपनी पहली राष्ट्रीय टीम के गठन के साथ उन्होंने संगठन में अनुभवी नेताओं, चुनावी रणनीतिकारों और नए चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की है।
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