Nepal Glacial Flood Update: नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बीच राहत की एक उम्मीद भरी खबर सामने आई है। रसुवा जिले के तिमुरे इलाके में बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे दबे 6 साल की बच्ची को तीन दिन बाद जिंदा बाहर निकाल लिया। वहीं, भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने रसुवा समेत तीन जिलों में अलर्ट जारी किया है।
मलबे में तीन दिन तक फंसी रही 6 साल की बच्ची, सुरक्षित निकाला
बचाव अभियान के दौरान सशस्त्र पुलिस बल की एक टीम रसुवा के तिमुरे इलाके में मलबा हटा रही थी। इसी दौरान जवानों को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। टीम ने तुरंत बचाव अभियान तेज किया और कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए काठमांडू भेजा गया है। तीन दिन तक मलबे में फंसे रहने के बावजूद उसका जिंदा मिलना राहत और बचाव अभियान के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
रसुवाको टिमुरेमा घरभित्र पुरिएको एक बालिकाको सशस्त्र प्रहरीले तीन दिनपछि यसरी गर्यो जिवितै उद्धार #APF #rashuwaflood #NuwakotFlood #dainiki #dainikitv pic.twitter.com/Dq1RETwmCT
— dainiki (@hamrodainiki) August 29, 2026
भोटेकोशी नदी में फिर बढ़ा पानी, 3 जिलों में अलर्ट
इस बीच नेपाल में बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। रविवार सुबह भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि हालात को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है और नई जानकारी मिलने पर लोगों को तुरंत सूचित किया जाएगा।
बाढ़ में 691 मौतें, 3 हजार से ज्यादा लापता
26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशुली नदियों में अचानक आई बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। अब तक 691 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें 275 भारतीय भी शामिल बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार के मुताबिक, नेपाल से अब तक 108 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, कई भारतीय और भारतीय मूल के लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं।
800 मीटर लंबा ग्लेशियर टूटा, मलबे और पानी ने मचाई तबाही; वीडियो आया सामने
नेपाल में तबाही के तीन दिन बाद शनिवार को ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया। तिब्बत में एक टूर गाइड ग्रुप ने ऊंचाई से इस घटना को रिकॉर्ड किया था। वीडियो में बर्फ और चट्टानों से बना करीब 800 मीटर लंबा ग्लेशियर का हिस्सा टूटकर घाटी में गिरता दिखाई दे रहा है।
ग्लेशियर टूटने के बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। इसके साथ लैंडस्लाइड हुआ और अचानक आई बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचा दी।
How a 5.2-magnitude glacier collapse created a 193 km/h debris flow and destroyed Nepal-China trade corridor !?
26 Aug Langtang Lirung disaster was not a simple flood – it was a cascading mountain failure that scientists are calling a textbook example of a climate-driven… pic.twitter.com/2W1QPfT1Za
— Wafula 🇰🇪 🇨🇩 🇻🇳 (@IamWafula1) August 29, 2026
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सद्गुरु जग्गी वासुदेव काठमांडू पहुंचे, ग्राउंड जीरो जाएंगे
बाढ़ प्रभावित नेपाल में राहत के बीच सद्गुरु जग्गी वासुदेव तिब्बत से लौटकर काठमांडू पहुंच गए हैं। ईशा सेक्रेड वॉक्स की कोऑर्डिनेटर मां गंभीरि के मुताबिक, सद्गुरु बाढ़ प्रभावित उस इलाके में जाना चाहते हैं, जहां हादसा हुआ था।
बताया गया है कि भारत सरकार की ओर से सद्गुरु से हवाई मार्ग से जाने का आग्रह किया गया था, लेकिन वे सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचना चाहते हैं। उनका उद्देश्य मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेना और प्रभावित लोगों के लिए हर संभव मदद करना है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने संकट के दौरान भारत की मदद की सराहना की है। भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री भेजी गई है। काठमांडू के अनुरोध पर 11 सदस्यीय भारतीय टीम भी नेपाल पहुंची है, जिसमें चिकित्सा कर्मचारी और सुरंग बचाव विशेषज्ञ शामिल हैं।
पिछले दो दिनों में 598 भारतीय चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 900 भारतीय अभी चीन में सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
अमेरिका देगा 36 लाख डॉलर से ज्यादा की मदद
अमेरिका ने भी नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख डॉलर से ज्यादा की अतिरिक्त मानवीय सहायता देने का ऐलान किया है। यह राशि करीब 34.4 करोड़ रुपये है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस सहायता के तहत करीब 10 हजार बाढ़ पीड़ितों को तीन महीने तक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले अमेरिका 5 लाख डॉलर की मदद का ऐलान कर चुका है।
नेपाल PM बोले- हर प्रभावित नागरिक तक पहुंचेंगे
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि सरकार पूरी क्षमता के साथ राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की जान बचाना और उनका पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, अब तक 7,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 279 कर्मचारी भी शामिल हैं।
राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 18,708 जवानों के साथ 16 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। भारत और चीन के विशेषज्ञ भी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
7,500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
नेपाल सरकार के मुताबिक, अब तक 7,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत और बचाव अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवानों के साथ हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं।




