Nepal Glacial Flood Update: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 898 कर्मचारी अभी भी सुरंगों में फंसे हुए हैं, जबकि 361 लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
अपर त्रिशूली-3 ‘ए’ में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
नुवाकोट स्थित अपर त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे कर्मचारियों को निकालने के लिए 90 सदस्यों की संयुक्त टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। नेपाली सेना के जवान भारी मशीनरी और ब्लास्टिंग की मदद से सुरंग में जमा मिट्टी और गाद हटाकर रास्ता बनाने में जुटे हैं।
टीम ने पहले 2×3 फीट का छेद बनाकर रस्सियों के सहारे अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब सुरंग तक बनाए गए 6 इंच के छेद से पाइप के जरिए हवा पहुंचाई जा रही है और इसे बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी है, ताकि रेस्क्यू टीम अंदर जाकर फंसे लोगों की तलाश कर सके। मुश्किल और जोखिम भरे हालात के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है।
नुवाकोटस्थित माथिल्लो त्रिशूली ३ ‘ए’ जलविद्युत् आयोजनाको सुरङभित्र फसेका मानिसहरूको उद्धारका लागि नेपाली सेनाका इन्जिनियरहरूद्वारा ब्लास्टिङ गर्नेसम्मका प्रयास अघि बढाइएको छ।
प्राप्त पछिल्लो जानकारी अनुसार उद्धारस्थलमा नेपाली सेनाका ६६ जना, तालिमप्राप्त कुकुरसहितको विशेष खोज… pic.twitter.com/NM2gpr0xxB
— PMO (@PM_nepal_) August 30, 2026
भारत की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ संभाला मोर्चा
नेपाल में हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान के लिए भारत से भेजी गई विशेषज्ञ टनल सर्च एंड रेस्क्यू टीम ने आज चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में नेपाली सेना की टीम के साथ मिलकर काम किया। टीम ने हाइड्रोपावर सुरंगों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। भारतीय टीम आगे भी नेपाली सेना के साथ करीबी समन्वय में सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी रखेगी, ताकि सुरंगों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
Specialised team from India for Tunnel Search & Rescue operation worked with the Nepali Army’s team at hydropower tunnel sites in Chilime and Langtang area today. The team will continue to conduct search and rescue operations in close coordination with the Nepali Army
🇮🇳🤝🇳🇵… pic.twitter.com/H7UcIoNxN4— Naveen Srivastava, Ambassador of India in Nepal (@navsri6619) August 30, 2026
26 अगस्त को आई थी अचानक बाढ़
नेपाल में यह आपदा 26 अगस्त को आई, जब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव के साथ मलबा आने से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। हाइड्रोपावर परियोजनाएं भी इसकी चपेट में आ गईं।
इस बाढ़ में नेपाल में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,502 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत में भी इस आपदा के कारण 16 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
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नेपाल में 85 अमेरिकी नागरिकों का पता नहीं
बाढ़ प्रभावित इलाकों में 85 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि अब तक 9 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
उन्होंने कहा कि अभी तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र बेहद दुर्गम हैं और वहां बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ऐसे में लापता लोगों से जुड़ी सटीक जानकारी जुटाने में मुश्किल आ रही है।
149 भारतीय नागरिकों को किया गया रेस्क्यू
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भी अभियान जारी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 30 अगस्त शाम 5:30 बजे तक का रेस्क्यू अपडेट जारी किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर सुरक्षित निकाले गए 149 भारतीय नागरिकों के नामों की सूची साझा की है।
Update on Indian Nationals rescued in Nepal as of 1730 hrs on 30 August, 2026
Indians rescued : 149
Please see names below ⬇️ pic.twitter.com/f5olP2chxa
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 30, 2026
20 साल की युवती ने खोए परिवार के 17 सदस्य
बाढ़ की इस त्रासदी ने नेपाल के रसुवा जिले की 20 वर्षीय कोपिला तामांग का परिवार भी उजाड़ दिया। उन्होंने इस आपदा में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया।
कोपिला का परिवार 2015 के भूकंप में भी बेघर हुआ था। बाद में उन्होंने नया घर बनाया, लेकिन इस बार आई बाढ़ में उनका नया घर भी तबाह हो गया। उनकी मां, बहन, दादी और एक महीने के भतीजे समेत परिवार के 17 सदस्य बाढ़ के तेज बहाव में बह गए।
कोपिला ने CNN से बातचीत में अपना दर्द बताते हुए कहा कि वह खुद को पूरी तरह अकेला और खोया हुआ महसूस कर रही हैं। उनका 7 साल का छोटा भाई अभी भी इस उम्मीद में है कि उनकी मां वापस लौट आएंगी।
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