Nepal Glacial Flood Update: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए भारत ने भी अपनी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी हैं। वहीं, आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 804 तक पहुंच गया है।
19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम काठमांडू में तैनात
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमें तैनात की हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने काठमांडू में काम शुरू कर दिया है। यह टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के शवों की पहचान के लिए DNA सैंपल की जांच में नेपाल की मदद करेगी।
वहीं, भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में नेपाल सेना के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया। टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग तक पहुंची और खराब मौसम के बावजूद एक व्यक्ति का शव बाहर निकाला।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की ओर से 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। वहीं, करीब 500 भारतीय अभी चीन की तरफ मौजूद हैं और सभी सुरक्षित बताए गए हैं।

टनल रेस्क्यू टीम ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में संभाला मोर्चा
भारतीय टनल रेस्क्यू टीम ने चिलिमे और लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में नेपाल सेना के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक सुरंग तक पहुंची। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने एक व्यक्ति का शव सुरंग से बाहर निकाला।
नेपाल में 804 मौतें, तिब्बत में भी 16 लोगों की मौत
26 अगस्त को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशुली नदियों में अचानक बाढ़ आने से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। आपके दिए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में अब तक 804 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिब्बत में बाढ़ से 16 लोगों की जान गई है।
बाढ़ के कारण कई सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
कुशीनगर में गंडक नदी से 13 शव बरामद
नेपाल की बाढ़ के बाद बहकर भारत पहुंचे शवों का सिलसिला भी जारी है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से चार और शव बरामद किए गए हैं।
रविवार को SDRF की टीम ने नदी से दो महिलाओं और दो पुरुषों के शव निकाले। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में कुशीनगर से बरामद शवों की संख्या 13 हो गई है।
खड्डा थाना प्रभारी के मुताबिक, जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कुशीनगर का शवगृह भर जाने के कारण कुछ शवों को गोरखपुर भेजा गया है। अभी तक किसी भी शव की पहचान नहीं हो सकी है। बरामद शवों की जानकारी नेपाल के संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है।
तमिलनाडु के 49 कैलाश मानसरोवर यात्री लापता
बाढ़ के दौरान तमिलनाडु के 49 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री चीन की तरफ मौजूद थे। चेन्नई की ट्रैवल कंपनी के मालिक मारावेल नागप्पन के मुताबिक, ये यात्री यात्रा पूरी करने के बाद नेपाल में प्रवेश का इंतजार कर रहे थे, तभी नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक बाढ़ आ गई।
नागप्पन ने केंद्र सरकार से चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क कर यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यात्रा 14 अगस्त को शुरू हुई थी और उनके बेटे सत्यनारायण यात्रियों के समूह का नेतृत्व कर रहे थे।
दलाई लामा ने बाढ़ पीड़ितों के लिए की विशेष प्रार्थना
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा ने नेपाल बाढ़ में मारे गए लोगों, लापता लोगों और प्रभावित परिवारों के लिए विशेष प्रार्थना की।
लेह के शेवत्सेल टीचिंग ग्राउंड में आयोजित दीर्घायु प्रार्थना समारोह में उनकी मौजूदगी में लोगों ने पीड़ितों की याद में अवलोकितेश्वर मंत्र का जाप किया। इससे पहले 27 अगस्त को भी दलाई लामा ने आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई थी।
UN क्लाइमेट चीफ ने हिमालय को लेकर जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के क्लाइमेट चीफ साइमन स्टील ने नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर टूटने और बाढ़ की घटना को हिमालय के लिए बड़ी चेतावनी बताया है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण खासकर हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र कमजोर हो रहा है। उनके मुताबिक, वैज्ञानिक और स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र में बढ़ते जलवायु संकट को लेकर चेतावनी देते रहे हैं। तापमान बढ़ने के साथ ऐसी आपदाएं भविष्य में और गंभीर हो सकती हैं।
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