Nepal Glacial Flood Update: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के एक सप्ताह बाद भी तबाही का मंजर बना हुआ है। राहत और बचाव एजेंसियां मलबे और कीचड़ में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन हजारों परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। आपदा में अब तक 1,068 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,606 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
400 शवों के मिले सिर्फ आंशिक अवशेष
बाढ़ के बाद बरामद किए गए शवों में करीब 400 के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। पानी और कीचड़ में लंबे समय तक पड़े रहने के कारण शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से DNA जांच समेत दूसरे तरीकों से मृतकों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि शव उनके परिवारों को सौंपे जा सकें।
500 विदेशी नागरिक भी लापता
लापता लोगों में करीब 500 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इनमें नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर काम करने वाले कई चीनी नागरिक भी हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इससे प्रभावित परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।
एक लड़की ने खोए परिवार के 17 सदस्य
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक नेपाली लड़की ने बताया कि उसने इस आपदा में अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। बिदुर समेत कई प्रभावित इलाकों में लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। घर और सामान गंवा चुके परिवारों को अब भी दोबारा बाढ़ आने का डर सता रहा है।
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भारत ने भेजी पांचवीं राहत उड़ान
नेपाल में राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए भारत ने पांचवीं सहायता उड़ान भेजी है। इसमें 11 सदस्यीय विशेष रेस्क्यू टीम, अत्याधुनिक बचाव उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं। इससे पहले भारत चार उड़ानों के जरिए करीब 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है।
VIDEO | India: Fifth Indian aircraft departs for Nepal carrying an 11-member rescue team, specialised equipment and 5.5 tonnes of medicines.
(Source: EAM S Jaishankar’s X account)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/pQtP9pSPpW
— Press Trust of India (@PTI_News) September 2, 2026
अज्ञात शवों को दफनाया जा रहा
बड़ी संख्या में मिले अज्ञात शवों को फिलहाल जलाने के बजाय सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य शवों के अवशेष सुरक्षित रखना है, ताकि बाद में DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की जा सके। शवगृहों और अस्थायी केंद्रों में जगह कम पड़ने के कारण प्रशासन के सामने शवों को सुरक्षित रखने की भी बड़ी चुनौती है।
सोनू सूद भी पहुंचे काठमांडू
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद भी काठमांडू पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी।
They lost their homes, their families, their childhood..but together, we will help them find a new beginning.
Nepal, you are not alone. ❤️🇳🇵 pic.twitter.com/HWkHa7eCIg— sonu sood (@SonuSood) September 1, 2026
सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम कंबल और खाद्य सामग्री समेत जरूरी सामान लेकर पहुंची है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश प्रभावित लोगों की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम आने वाले महीनों में भी नेपाल में राहत कार्य जारी रखने का प्रयास करेगी।






