Nepal Glacial Flood Update: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। आपदा में नेपाल में 1,204 और तिब्बत में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मृतकों की संख्या 1,225 पहुंच गई है, जबकि 4,700 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
PM बालेन शाह ने भारत-चीन को धन्यवाद दिया
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए बाढ़ राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए भारत और चीन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने सही समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और जरूरी आपात सहायता उपलब्ध कराई।
शाह ने कहा कि इस तरह की बड़ी आपदा के समय पड़ोसी देशों की मदद बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी गई है। भारतीय टीमें प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ बरामद शवों की पहचान में भी सहयोग कर रही हैं।
नेपाल के पीएम बालेन शाह ने देश में आई जानलेवा बाढ़ के बाद ‘दोस्त’ देशों भारत और चीन की ओर से की गई मदद का किया जिक्र
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— RT Hindi (@RT_hindi_) September 2, 2026
भारत की टीमें सुरंगों में कर रहीं सर्च ऑपरेशन
बाढ़ के बाद कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इन परियोजनाओं में काम करने वाले कई कर्मचारी लापता हैं। राहत दलों को आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों के अंदर फंसे हो सकते हैं। ऐसे स्थानों पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिल रही है।
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नेपाल में 1,204, तिब्बत में 21 मौतें
बुधवार शाम 6 बजे तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, केवल नेपाल में ही 1,204 लोगों की जान जा चुकी है। तिब्बत में 21 मौतों की पुष्टि हुई है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जलवायु परिवर्तन को लेकर PM शाह ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस आपदा को हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु खतरे से जोड़ते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय में प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार ऊंचे हिमालयी इलाके में बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटने से भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ की स्थिति बनी।
शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया की गतिविधियों का परिणाम है और इसके प्रभावों को कम करने के साथ-साथ इससे पैदा होने वाले खतरों से निपटना भी पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है।
चितवन में बढ़ा नारायणी और त्रिशूली का जलस्तर
बाढ़ के बाद नेपाल के चितवन इलाके में नारायणी (गंडक) और त्रिशूली नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बुधवार को सामने आए एरियल व्यू में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तबाही और जलभराव दिखाई दिया।
95 शव परिजनों को सौंपे गए
संसद में प्रधानमंत्री शाह ने बताया कि अब तक 95 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त की सुबह करीब 8:30 बजे बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद सरकार ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया। सुबह 9:15 बजे आपात बैठक बुलाई गई और करीब 10:30 बजे तक हेलिकॉप्टर और बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयार कर लिया गया।
सरकार और स्थानीय एजेंसियां लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए अभियान चला रही हैं।
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