Mahananda Express Derailment: बिहार के आरा में रविवार सुबह बड़ा रेल हादसा टल गया। 15483 अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस के दो कोच पटरी से उतर गए। हादसा सुबह करीब 4 बजे आरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ। ट्रेन का एक जनरल SLR और एक AC H-1 कोच डिरेल हुआ। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महानंदा एक्सप्रेस आरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची थी। यहां से ट्रेन को दिल्ली की ओर जाना था। इसी दौरान ट्रेन गलत सिग्नल के कारण सासाराम की ओर जाने वाली लाइन पर आगे बढ़ गई।
गलत सिग्नल को लेकर सामने आई अलग-अलग बातें
बताया जा रहा है कि अप मेन लाइन पर ग्रीन सिग्नल दूसरी ट्रेन 22587 अमृत भारत एक्सप्रेस के लिए दिया गया था। महानंदा एक्सप्रेस के लोको पायलट ने इस सिग्नल को अपनी ट्रेन का समझकर ट्रेन आगे बढ़ा दी।
ट्रेन करीब 200 मीटर आगे बढ़ी तो लोको पायलट को पता चला कि ट्रेन गलत दिशा में जा रही है। इसके बाद ट्रेन को रोक दिया गया। स्टेशन मास्टर के निर्देश पर ट्रेन को वापस रिवर्स किया जा रहा था। इसी दौरान जनरल SLR और AC H-1 कोच के दो-दो पहिए पटरी से उतर गए।
बिहार के आरा में महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन डिरेल हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन का इंजन समेत 3 कोच पटरी से उतर गए, जिसके बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
हादसे के कारण दिल्ली–हावड़ा रेल ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों को रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों के… pic.twitter.com/oWlq5N55jd
— Arun (आज़ाद) Chahal 🇮🇳 (@ArunAzadchahal) September 6, 2026
स्टेशन मास्टर एनके राय सस्पेंड
हादसे के बाद आरा स्टेशन मैनेजर एनके राय को सस्पेंड कर दिया गया। एनके राय ने कहा कि उन्हें सुबह करीब 4:20 बजे ट्रेन के डिरेल होने की सूचना मिली थी और वह कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच गए थे।
उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई है। एनके राय ने हादसे के लिए ड्राइवर की लापरवाही की आशंका जताई।
Arrah, Bihar: Station Manager N.K. Rai says, “An incident occurred at Dana station when the Mahananda Express moved towards the Sasaram line. I immediately arranged a reserved vehicle and left from my home. When I reached the spot, I found that two wagons had derailed, with two… pic.twitter.com/4X7xhYKRCF
— IANS (@ians_india) September 6, 2026
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लोको पायलट ने क्या बताया?
महानंदा एक्सप्रेस के लोको पायलट उमाशंकर पांडेय के मुताबिक, उन्हें मेन लाइन पर ग्रीन सिग्नल दिखाई दिया था। ट्रेन आगे बढ़ाने के बाद उन्हें पता चला कि पॉइंट दूसरी दिशा में बना हुआ है। उन्होंने तुरंत ट्रेन रोक दी।
लोको पायलट ने बताया कि स्टेशन मास्टर से बात करने पर उन्हें जानकारी मिली कि ग्रीन सिग्नल महानंदा एक्सप्रेस के लिए नहीं था। इसके बाद उन्हें ट्रेन को धीरे-धीरे रिवर्स करने के निर्देश दिए गए। रिवर्स करते समय तकनीकी समस्या आई और इसी दौरान दोनों कोच पटरी से उतर गए।
करीब साढ़े 3 घंटे बाद रवाना हुई ट्रेन
हादसे के बाद रेलवे की राहत टीम मौके पर पहुंची। डिरेल हुए दोनों कोचों को ट्रेन से अलग किया गया और दूसरे इंजन की मदद से ट्रेन को दूसरे ट्रैक पर लाया गया।
रेलवे कर्मचारियों ने जैक की मदद से पटरी से उतरे कोचों को वापस ट्रैक पर चढ़ाया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद महानंदा एक्सप्रेस को रवाना किया गया। डिरेल हुए दोनों कोचों की मरम्मत का काम जारी है।
कई ट्रेनें हुईं लेट
महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर रेल परिचालन प्रभावित हुआ। वंदे भारत, विभूति एक्सप्रेस, कैपिटल एक्सप्रेस, इंटरसिटी, गरीब रथ, पैसेंजर और उधना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों पर इसका असर पड़ा और ट्रेनें देरी से चलीं।
DRM ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
दानापुर रेल मंडल के DRM विनोद कुमार भी आरा रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनके साथ वरिष्ठ रेल अधिकारियों और इंजीनियरिंग टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
रेलवे की तकनीकी टीम सिग्नल सिस्टम, ट्रैक और पॉइंट की जांच कर रही है। हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।






