Satya Niketan PG Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को राजधानी में संचालित हो रहे सभी PG और हॉस्टलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध निर्माण पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद MCD ने सत्य निकेतन और उसके आसपास अवैध ढांचों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और भवन सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। अब सरकार ने अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
आसपास की इमारतों पर भी MCD का एक्शन
MCD ने सत्य निकेतन में हादसे वाली PG बिल्डिंग के आसपास की इमारतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें एक गर्ल्स PG भी शामिल है। यहां रहने वाली छात्राएं PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं।
मंगलवार तक 24 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि 7 अवैध ढांचों को सील किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, अवैध या असुरक्षित निर्माण मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
नेहरू विहार में इमारत को गिराने की कार्रवाई जारी है। वहीं, उत्तम नगर के परम पुरी इलाके में MCD ने एक अवैध पांच मंजिला इमारत को भी ध्वस्त कर दिया है।
VIDEO | Delhi building collapse: MCD demolishes illegal five-storey building in Uttam Nagar’s Param Puri area.
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— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2026
VIDEO | Delhi building collapse: Demolition of building underway in Nehru Vihar.
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— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2026
हादसे में अब तक 5 गिरफ्तार
सत्य निकेतन PG हादसे के मामले में पुलिस अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक, PG संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सुधांशु को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, वह इस बिल्डिंग में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी।
इससे पहले पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने मालिक और बेटे की हिरासत पर सुनाया फैसला
सोमवार रात हरिराम बंसल, उर्मिला और महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने हरिराम बंसल और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली।
पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य
जांच के दौरान सामने आया कि बेसमेंट से पानी निकालने के बाद वहां निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी।
पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर बिल्डिंग की संरचना के कारण हादसा हुआ।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और निर्माण कार्य की भूमिका की जांच अभी जारी है।
ठेकेदार ने बताया- 10 दिन पहले मिला था काम
पुलिस पूछताछ में लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे करीब 10 दिन पहले रेनोवेशन के काम के लिए लगाया था। उसे 2,800 रुपए प्रतिदिन मिलते थे।
सनोज के मुताबिक, बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल करने का काम किया जा रहा था। इसके लिए बेसमेंट में करीब 3 ट्रक मलबा भरा गया था।
ग्राउंड फ्लोर पर दुकान की जगह में एक दीवार काम में रुकावट बन रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया गया। पुलिस के मुताबिक, दीवार हटने के बाद कमजोर इमारत लोड नहीं झेल पाई और ढह गई।
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गर्ल्स PG की दीवारों और छत में आई थीं दरारें
हॉस्टल डेज के पड़ोस में बने कनक लता गर्ल्स PG पर भी MCD की कार्रवाई जारी है। यहां रहने वाली छात्राओं ने अपने कमरों की दीवारों और छत में आई दरारों के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकेंड ईयर की छात्राएं अर्निका और मानसी भी इसी PG में रहती थीं। हादसे से कुछ मिनट पहले उन्होंने अपने कमरे का वीडियो बनाया था। वीडियो में दीवारों और छत पर दरारें दिखाई दे रही थीं।
वीडियो में 20 वर्षीय अर्निका कहती सुनाई देती हैं, “लगता है गिरने वाली है।”
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 10 सितंबर को सुनवाई
सत्य निकेतन PG हादसे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने संकेत दिया कि भवन सुरक्षा का मुद्दा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा।
अदालत देशभर में जर्जर और अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरे सीनियर एडवोकेट अजीत सिन्हा ने अदालत के सामने 6 सितंबर को हुई सत्य निकेतन दुर्घटना का उल्लेख किया था। वह अवैध और असुरक्षित भवनों से जुड़े एक पुराने मामले में अदालत की सहायता कर रहे हैं।
MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक निलंबित किया गया है।
इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ फिलहाल साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं।
अब अवैध PG और हॉस्टलों पर नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का फोकस अब दिल्ली में संचालित हो रहे PG और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद MCD द्वारा जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है। अवैध निर्माण, असुरक्षित ढांचे और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर सीलिंग और तोड़फोड़ जैसी कार्रवाई की जा रही है।






