Zelensky Plane Drone Threat: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का विमान मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरने के दौरान ड्रोन खतरे की चपेट में आने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी टीवी से बातचीत में यह दावा किया। घटना के बाद मोल्दोवा में कुछ समय के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया गया, जिससे जेलेंस्की के विमान की उड़ान में भी देरी हुई।
उड़ान भरने से ठीक पहले विमान के करीब आया ड्रोन
नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे के मुताबिक, जेलेंस्की का विमान मोल्दोवा की राजधानी चिशिनाउ स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खड़ा था और उड़ान भरने वाला था। इसी दौरान एक ड्रोन उसके करीब आ गया।
हालांकि, स्टोरे ने यह नहीं बताया कि ड्रोन विमान से कितनी दूरी पर था और उन्हें इस घटना की जानकारी किस स्रोत से मिली थी। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन सीधे जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाकर भेजा गया था या नहीं।
जेलेंस्की उस समय नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ओस्लो की यात्रा पर थे।
⚡️ BREAKING: Ukrainian President Volodymyr Zelenskyy’s plane was nearly hit by a drone – Norwegian PM Jonas Gahr Støre 🧵👇 pic.twitter.com/Hlsw3UJXzq
— Putin is afraid to end up like Gaddafi (@Putin2theHague) September 9, 2026
ड्रोन अलर्ट के बाद बंद किया गया एयरस्पेस
ड्रोन की चेतावनी मिलने के बाद मोल्दोवा के अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इसके चलते चिशिनाउ एयरपोर्ट पर मौजूद जेलेंस्की के विमान की उड़ान भी प्रभावित हुई।
बाद में मोल्दोवा के अधिकारियों ने देश के इलाके में एक रूसी ड्रोन के गिरने और नष्ट होने की पुष्टि की। इसके बाद जेलेंस्की के विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी गई।
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन चिशिनाउ एयरपोर्ट से करीब 160 किलोमीटर दूर गिरकर नष्ट हुआ था।
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मोल्दोवा के राजदूत ने जताया संदेह
अमेरिका में मोल्दोवा के राजदूत वलादिस्लाव कुलमिन्स्की ने CNN से बातचीत में ड्रोन के मोल्दोवा में प्रवेश को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि ड्रोन का गलती से मोल्दोवा में प्रवेश करना कम संभावित लगता है। उनके मुताबिक, जिस समय जेलेंस्की का विमान एयरपोर्ट पर मौजूद था, उसी दौरान एक जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन का मोल्दोवा में दाखिल होना महज संयोग मानना मुश्किल है।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या ड्रोन को विशेष रूप से जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, तो उन्होंने सीधे तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और अभी इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
मोल्दोवा की राष्ट्रपति ने बताया गंभीर खतरा
मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू ने ड्रोन के देश में प्रवेश की घटना को लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने यूक्रेन की सीमा से लगे एक बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए रूसी ड्रोन हमले की भी निंदा की।
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी।
क्या जेलेंस्की के विमान को बनाया गया था निशाना?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ड्रोन का लक्ष्य जेलेंस्की का विमान था। नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने विमान के करीब ड्रोन पहुंचने की बात कही है, जबकि मोल्दोवा के राजदूत ने इसे महज संयोग मानने पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ड्रोन को जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज ड्रोन घुसपैठ थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित मकसद था।






