Trump Iran Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर धमकी दी है। मंगलवार, 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान को लेकर बड़ा फैसला है या तो समझौता किया जाए या फिर ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया जाए। ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव भी किया।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ शांति समझौता नहीं होता है तो अमेरिका के पास उसे खत्म करने का विकल्प मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के साथ कोई समझौता हो सकता है।
ट्रंप ने कहा, “मेरे सामने एक बड़ा फैसला है। क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जिससे वह फिर से निर्माण कर सके और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत देश बन सके? या फिर मैं इस्लामिक रिपब्लिक को तबाह कर दूं और वह भी जल्दी?”
उन्होंने आगे कहा, “क्या मैं उन्हें नरक में धकेल दूं, जहां उनके बचने की कोई संभावना और भविष्य की महानता या आने वाली पीढ़ियों के लिए कोई उम्मीद न बचे?”
VIDEO | Trump threatens to ‘annihilate’ Iran during UN address
US President Donald Trump said that he faces a choice between reaching a deal with Iran and “annihilat[ing] the Islamic Republic,” during his address to the UN General Assembly in New York.
“I have a big decision to… pic.twitter.com/1mSX96wm7U
— The Cradle (@TheCradleMedia) September 22, 2026
7 महीने से जारी है अमेरिका-ईरान संघर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा युद्ध फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी लगातार जारी है। सितंबर में यह संघर्ष सातवें महीने में पहुंच चुका है। ट्रंप ने 16 सितंबर को भी कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि युद्ध अब खत्म होने के करीब है।
इस दौरान ट्रंप कई मौकों पर ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं। 1 अप्रैल को उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है और ईरान के खिलाफ फिर से बड़े हमले की चेतावनी दी थी।
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UN में ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने की अपील की
UN में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने दूसरे देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने और उसे अलग-थलग करने की अपील की। उनका कहना था कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
वहीं, ईरान की ओर से भी बातचीत का संकेत दिया गया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी हटाता है तो ईरान एक सप्ताह के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल सकता है।
मिडटर्म चुनाव से पहले युद्ध बना बड़ा मुद्दा
अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। लंबे समय से जारी ईरान युद्ध और बढ़ती ईंधन कीमतें अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गई हैं। रॉयटर्स/इप्सोस के 21 सितंबर के सर्वे में ट्रंप की कुल अप्रूवल रेटिंग 32% दर्ज की गई, जबकि ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन करने वालों की संख्या 34% थी।
इसी बीच रिपब्लिकन पार्टी के कुछ उम्मीदवार भी युद्ध को जल्द खत्म करने की मांग कर रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, मिशिगन के सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स और आयोवा की सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिंसन ने संघर्ष को जल्द खत्म करने की बात कही है।
ईरान के साथ बातचीत के रास्ते भी खुले
ट्रंप की कड़ी बयानबाजी के बीच अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने UN भाषण के बाद ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अमेरिकी दूतों की बातचीत को सकारात्मक बताया। हालांकि, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से संकेत दिया है कि व्यापक समझौते की संभावना नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद है।
इस तरह एक तरफ ट्रंप ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के जरिए समझौते की संभावना भी खुली हुई है।
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