Trump Xi Jinping Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्हाइट हाउस में अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। करीब 11 साल बाद जिनपिंग व्हाइट हाउस पहुंचे हैं। बैठक में AI, व्यापार, टैरिफ, चिप्स, दुर्लभ खनिज, ताइवान और ईरान जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
बैठक के दौरान जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच टकराव से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। वहीं ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते को शानदार दोस्ती बताया और कहा कि अमेरिका और चीन के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर किया स्वागत
जिनपिंग गुरुवार सुबह अमेरिका पहुंचे। ट्रंप प्रोटोकॉल तोड़कर खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पहुंचे और चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी मौजूद थीं।
जिनपिंग की पत्नी पेंग लियुआन भी उनके साथ अमेरिका पहुंची हैं।
जिनपिंग बोले- अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आकर खुशी हुई
अमेरिका पहुंचने के बाद जिनपिंग ने कहा कि उन्हें अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने 1.4 अरब से अधिक चीनी लोगों की ओर से अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दीं और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर बधाई दी।
जिनपिंग ने कहा, “आपके खूबसूरत देश, संयुक्त राज्य अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। 1.4 अरब से अधिक चीनी लोगों की ओर से मैं सबसे पहले अमेरिकी जनता को हार्दिक शुभकामनाएं और अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई देना चाहता हूं।”
Xi Jinping:
I’m very glad to pay a state visit to your beautiful country, the United States of America.
On behalf of the 1.4 billion and more Chinese people, I wish to begin by extending sincere greetings to the American people and warm congratulations on the 250th anniversary… pic.twitter.com/y2GQTx5own
— Clash Report (@clashreport) September 24, 2026
जिनपिंग बोले- अमेरिका और चीन टकराव से बचें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को टकराव और संघर्ष से बचने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ से बचने की बात कही।
जिनपिंग ने अमेरिका-चीन संबंधों में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
जिनपिंग बोले- चीन-अमेरिका संबंधों को स्थिर दिशा में ले जाने को तैयार
जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि वह उनके साथ मिलकर काम करने और चीन-अमेरिका संबंधों को स्थिर दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को भविष्य की ओर ले जाने पर जोर दिया।
ट्रंप बोले- जिनपिंग के साथ हमारी शानदार दोस्ती
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा कि दोनों के बीच शानदार दोस्ती है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता उनके पहली बार राष्ट्रपति बनने के समय से बना हुआ है।
ट्रंप ने कहा, “राष्ट्रपति शी और मैंने एक दोस्ती बनाई है। वास्तव में यह एक बहुत अच्छी दोस्ती है, जो हमारे लोगों के बीच आपसी सम्मान और हमारे लोगों के महत्वपूर्ण हितों पर आधारित है।”
“President Xi and I have forged a friendship, a truly great friendship actually, built on the mutual respect and the vital interests of our people.”
President Trump welcomes President Xi Jinping, Madame Peng Liyuan, and the Chinese delegation to the White House to begin their… pic.twitter.com/48bcpMGRGC
— The White House (@WhiteHouse) September 24, 2026
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग, उनकी पत्नी पेंग लियुआन और चीनी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। यह स्वागत उस मेजबानी के जवाब में किया गया, जब शी जिनपिंग ने इस साल की शुरुआत में चीन दौरे के दौरान ट्रंप की मेजबानी की थी।
ट्रंप ने यह भी कहा कि बैठक में सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और ‘सुपरइंटेलिजेंस’ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उनके मुताबिक, आज लिए गए फैसलों का असर आने वाले कई दशकों तक रह सकता है।
AI पर भी होगी अहम बातचीत
अमेरिका और चीन के बीच AI को लेकर भी प्रतिस्पर्धा चल रही है। बैठक में AI तकनीक और उसके इस्तेमाल का मुद्दा अहम है। जिनपिंग ने कहा कि AI का नियंत्रण हमेशा इंसानों के हाथ में रहना चाहिए।
अमेरिका चीन को एडवांस AI चिप और तकनीक देने पर कई तरह के प्रतिबंध लगाता रहा है, जबकि चीन इन पाबंदियों का विरोध करता रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच AI को लेकर बातचीत अहम है।
11 साल बाद व्हाइट हाउस पहुंचे जिनपिंग
शी जिनपिंग आखिरी बार 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस पहुंचे थे। उस समय दोनों देशों के बीच व्यापार, जलवायु परिवर्तन और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग की चर्चा होती थी।
अब अमेरिका और चीन के रिश्तों में कई बदलाव आ चुके हैं। इस बार बातचीत में AI, सेमीकंडक्टर चिप्स, दुर्लभ खनिज, सैन्य ताकत और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।
रेड कार्पेट पर दोस्ती, बातचीत में व्यापार और टैरिफ
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपने रिश्ते को शानदार दोस्ती बताया है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दे अभी भी मौजूद हैं। इनमें टैरिफ और व्यापार प्रमुख हैं।
इसके अलावा दुर्लभ खनिजों, अमेरिकी चिप और तकनीक, चीन के बाजार तक पहुंच और कृषि उत्पादों से जुड़े मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा हैं।
टैरिफ बढ़ाने पर लगी रोक 10 जनवरी 2027 तक बढ़ाई गई है। हालांकि स्थायी व्यापार समझौता अभी बाकी है।
ताइवान और ईरान पर मतभेद
अमेरिका और चीन के बीच ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य सहायता देता है।
वहीं ईरान के मुद्दे पर भी दोनों देशों के रुख अलग हैं। अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे, जबकि चीन ईरान से तेल खरीदता है और अमेरिकी दबाव का विरोध करता रहा है।
जिनपिंग के साथ चीन के कई बड़े नेता भी अमेरिका पहुंचे
जिनपिंग के साथ चीन के कई वरिष्ठ नेता भी अमेरिका पहुंचे हैं। इनमें काई छी, हे लाइफेंग और वांग यी प्रमुख हैं।
काई छी जिनपिंग के करीबी अधिकारियों में शामिल हैं। हे लाइफेंग चीन के उपप्रधानमंत्री हैं और आर्थिक मामलों में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने हाल ही में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी।
वहीं वांग यी चीन के शीर्ष राजनयिक हैं और विदेश नीति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिनपिंग ने अमेरिका को दिए दो पांडा
जिनपिंग ने अमेरिका के लिए एक खास तोहफे का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जायंट पांडा चीन और अमेरिका के लोगों के बीच दोस्ती के दूत रहे हैं।
जिनपिंग ने बताया कि कुछ दिनों में दो पांडा पिंग पिंग और फुचुआन अपने नए घर जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ अटलांटा पहुंचेंगे और अमेरिकी लोगों से मिलेंगे।
Xi Jinping:
The giant panda has been an envoy of friendship between the Chinese and Americans.
Here, I have a piece of good news. In a few days, two pandas — Ping Ping and Fuchuan — will come to their new home in Zoo Atlanta and meet with the American people. pic.twitter.com/K36JWVChQu
— Clash Report (@clashreport) September 24, 2026
अमेरिकी मीडिया ने बैठक का किया बहिष्कार
ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के दौरान अमेरिकी मीडिया और व्हाइट हाउस के बीच विवाद भी चर्चा में रहा। CNN, MS NOW और Politico के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में कवरेज से रोके जाने के बाद कई टीवी नेटवर्क के पत्रकारों ने बैठक की सामान्य लाइव कवरेज नहीं की।
इस वजह से अमेरिकी टीवी पर ट्रंप-जिनपिंग की बैठक की वैसी लाइव कवरेज नहीं हुई, जैसी आमतौर पर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान देखने को मिलती है।
व्हाइट हाउस के बाहर भी प्रदर्शन
ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के बीच व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चीनी झंडे पर स्प्रे पेंट कर विरोध जताया।
नेशनल आर्काइव्स भी जाएंगे जिनपिंग
ट्रंप ने कहा कि जिनपिंग शुक्रवार को उनके साथ नेशनल आर्काइव्स जाएंगे। वहां दोनों अमेरिका के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज देखेंगे, जिनमें स्वतंत्रता की घोषणा और अमेरिकी संविधान शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा कि जिनपिंग और उनकी पत्नी ऐसे समय अमेरिका आए हैं, जब अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने दोनों देशों के पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया।
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