Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास करीब 35 किमी माइलस्टोन पर यात्रियों से भरी एक डबल डेकर स्लीपर AC बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते बस आग के गोले में बदल गई। हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं, 20 से ज्यादा यात्रियों ने बस से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
बताया जा रहा है कि राज कल्पना ट्रेवल्स की बस नोएडा से महोबा जा रही थी। बस का नंबर BR32 PA8647 है। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद बस के अंदर धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
इंजन की तरफ से लगी आग, तेजी से फैली लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास चालक को बस के इंजन की तरफ आग लगने का पता चला। चालक ने बस को एक्सप्रेस-वे के किनारे सोल्डर पर खड़ा किया और आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई।
चालक और परिचालक ने यात्रियों को बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई। इसके बाद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई यात्री खिड़कियों से कूदकर बाहर निकले। हालांकि, 9 यात्री बस के अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई।
‘अंदर धुआं भरा था, दम घुट रहा था’
बस में सवार महिला यात्री रिंकी राजपूत ने बताया कि वह नोएडा से बस में बैठी थीं और हादसे के वक्त सो रही थीं। किसी ने उन्हें जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है। इसके बाद बस में अफरातफरी मच गई।
रिंकी के मुताबिक, सभी लोग बाहर निकलने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। बस के अंदर धुआं भर गया था और दम घुट रहा था। उन्होंने बताया कि आग ड्राइवर की तरफ से लगी थी और कई लोग बस के अंदर ही रह गए।
#WATCH | Greater Noida | A passenger says, “…I was asleep when someone banged on the door. When I woke up, there was already a huge crowd. I didn’t pick up any of my belongings; I didn’t even put on my shoes. I just grabbed my phone and stepped out. It was so crowded that… https://t.co/udoxnMaZrk pic.twitter.com/41N7aaXZZi
— ANI (@ANI) September 24, 2026
‘बस से निकलना आसान नहीं था’
एक अन्य यात्री विश्वामित्र यादव ने बताया कि वह सो रहे थे, तभी किसी ने उन्हें जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद सभी लोग बाहर निकलने के लिए भागे, लेकिन काफी ज्यादा धुआं होने के कारण बस से बाहर निकलना आसान नहीं था।
उन्होंने बताया कि बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। आग लगने के बाद धुआं तेजी से बस के अंदर भर गया। घबराहट के बीच वह किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे।
पांच घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और यमुना एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
आग बुझने के बाद भी बस और उसमें रखा सामान काफी देर तक सुलगता रहा। अंदर फंसे यात्रियों के शव बुरी तरह जल गए थे। करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बस की बॉडी काटकर शवों और मिले अंगों को बाहर निकाला गया। सभी शवों को कैलाश अस्पताल भेजा गया।
बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के भी शामिल होने की खबर
हादसे में मारे गए यात्रियों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल बताए जा रहे हैं। शवों के बुरी तरह जल जाने के कारण मौके पर उनकी पहचान नहीं हो सकी।
पुलिस बस की टिकट बुकिंग की डिटेल के आधार पर यात्रियों के परिजनों से संपर्क कर रही है। शवों की पहचान के लिए परिजनों के DNA सैंपल लेकर मिलान कराया जाएगा। इसके बाद ही मृतकों की आधिकारिक पहचान की पुष्टि हो सकेगी।
बस के दस्तावेज मिले वैध, चालक हिरासत में
प्रारंभिक जांच में दुर्घटनाग्रस्त बस के फिटनेस, परमिट समेत सभी जरूरी दस्तावेज वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल बस में आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने आग के दौरान बस से पटाखे जैसे फटने की आवाज आने की बात कही है, लेकिन इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जेवर टोल और एयरपोर्ट इंटरचेंज पर रोका गया ट्रैफिक
आग की विकरालता को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से जेवर टोल और एयरपोर्ट इंटरचेंज पर करीब 30 मिनट तक यातायात रोक दिया गया। इसी दौरान दो कारों के आपस में टकराने की भी जानकारी सामने आई।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात सुचारू कराया गया। सुरक्षित बचे यात्रियों को जेवर टोल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था कर यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया।
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