America Iran Missile Attack: अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ करीब एक घंटे तक बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) का उल्लंघन किया, इसलिए जवाबी कार्रवाई करना जरूरी था।
ट्रंप का दावा- ईरान ने चार बार किया हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे सिंगापुर के कार्गो जहाज MV Ever Lovely पर ड्रोन हमला किया था। एयरस्ट्राइक से पहले ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कल एक नहीं, बल्कि चार बार हमला किया।”
ईरान बोला- यह सीजफायर का उल्लंघन नहीं
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह युद्धविराम का उल्लंघन नहीं बल्कि “सीजफायर मैनेजमेंट” है।
The reality in the Persian Gulf has changed.
The Strait of Hormuz is governed by Iran, so:
Respect the rules.
Use secure routes.
Do not mistake control for escalation.If you do not learn the rules, the Iranian armed forces will teach them to you.
This is not a violation of… pic.twitter.com/eQMIEv7zRt
— ابراهیم عزیزی (@Ebrahimazizi33) June 26, 2026
अमेरिका ने ईरान पर हमले का वीडियो जारी किया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो जारी किया है, जिसे ईरान पर किए गए हवाई हमले से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो में कई धमाके होते और धुएं के बड़े गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो में किसी विशेष ठिकाने या लक्ष्य की स्पष्ट पहचान नहीं हो पा रही है। CENTCOM ने इसे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का दृश्य बताते हुए साझा किया है।
https://t.co/CckXLJSpah pic.twitter.com/NoMQ7cNtN5
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 27, 2026
अमेरिकी हमलों के बाद IRGC का पलटवार
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया कि अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान के तटीय इलाकों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।
इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच हमला कर यह साबित कर दिया कि वह न तो वार्ता के सिद्धांतों का सम्मान करता है और न ही युद्धविराम का। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका परिणाम अमेरिका को भुगतना पड़ेगा।
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जेडी वेंस बोले- हिंसा का जवाब हिंसा से मिलेगा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका उसका पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को समझौते पर कोई आपत्ति है तो वह बातचीत का रास्ता अपनाए, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।
Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone.
But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV
— JD Vance (@JDVance) June 26, 2026
हिजबुल्लाह की मांग- इजराइल पूरी तरह लेबनान छोड़े
इस बीच हिजबुल्लाह प्रमुख कासिम नईम ने इजराइल से बिना किसी शर्त के लेबनान से अपनी पूरी सेना हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इजराइली सैनिकों को लेबनान की जमीन का एक-एक इंच खाली करना होगा।
युद्धविराम के बाद इजराइली हमलों में कमी जरूर आई है, लेकिन वे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। इजराइल ने नबतियेह अल-फौका और मायफदून क्षेत्रों में हवाई हमले किए, जिनमें हताहतों की भी खबर है। दक्षिणी शहर मंसूरी में इजराइली सेना ने पर्चे गिराकर लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी भी दी।
अमेरिका ने जारी किया 14 सूत्रीय समझौते का मसौदा
अमेरिकी विदेश विभाग ने इजराइल-लेबनान के लिए 14 बिंदुओं वाला एक प्रस्तावित समझौता जारी किया है। इसके तहत लेबनानी सेना पूरे देश में नियंत्रण संभालेगी, जबकि हिजबुल्लाह समेत सभी हथियारबंद समूहों को हथियार छोड़ने होंगे। इसके बाद इजराइली सेना चरणबद्ध तरीके से कब्जे वाले इलाकों से पीछे हटेगी।
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ी चिंता, LNG टैंकरों ने बदला रास्ता
जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी केप्लर के मुताबिक, कतर की कंपनी के LNG टैंकर ‘उम्म सलाल’ ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपना रास्ता बदल लिया। ‘गैसलॉग शंघाई’ नामक एक अन्य LNG टैंकर ने भी इसी क्षेत्र में अपना मार्ग बदल दिया। ईरान के दक्षिणी शहर सिरिक में विस्फोटों की खबरों के बाद खाड़ी क्षेत्र से LNG शिपिंग को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है।
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