US Iran Peace Agreement: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनावपूर्ण स्थिति में अब शांति समझौते की उम्मीद नजर आ रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते का फाइनल ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और दोनों पक्ष अधिकांश शर्तों पर सहमत हैं। उनके मुताबिक अब समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है और डील पहले से कहीं ज्यादा करीब है।
हालांकि, इस बीच अमेरिका ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि समझौते के तहत ईरान को तुरंत आर्थिक राहत या फ्रीज्ड फंड्स जारी किए जाएंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट कहा कि केवल बातचीत या समझौते पर हस्ताक्षर करने से ईरान को कोई पैसा नहीं मिलेगा। आर्थिक लाभ तभी दिए जाएंगे जब तेहरान समझौते की सभी शर्तों का पालन करेगा।
होर्मुज स्ट्रेट फिर खुल सकता है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि शुरुआती समझौता लागू होने के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि हालात पहले जैसे नहीं होंगे। ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा और भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क या टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।
ईरान में मंजूरी की लंबी प्रक्रिया
भले ही बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही हो, लेकिन ईरान में समझौते को लागू करने से पहले कई स्तरों की मंजूरी जरूरी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मसौदे को पहले ईरानी सेना, फिर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्वीकृति लेनी होगी। इसके बाद संसद और राजनीतिक नेतृत्व इसकी समीक्षा करेंगे।
अंतिम फैसला ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व के हाथ में होगा। उनकी मंजूरी के बिना किसी भी समझौते को आधिकारिक रूप से लागू नहीं किया जा सकता।

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परमाणु मुद्दे पर फिलहाल कोई बातचीत नहीं
अराघची ने कहा है कि प्रस्तावित अंतरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने तक परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी नए मुद्दे पर चर्चा नहीं होगी। उनके अनुसार इस समझौते की पहली और सबसे अहम शर्त समुद्री नाकेबंदी का पूरी तरह खत्म होना है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इजराइल इस समझौते का सबसे बड़ा विरोधी है और इसे पटरी से उतारने की कोशिश कर सकता है। ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक बातचीत का अंतिम दौर पूरा होते ही अगले कुछ दिनों में समझौते पर ऑनलाइन हस्ताक्षर संभव हैं।
UAE ने फंड जारी करने की खबरों को नकारा
इस बीच UAE ने उन रिपोर्टों को गलत बताया है जिनमें दावा किया गया था कि उसने ईरान के अरबों डॉलर के जमे हुए फंड जारी कर दिए हैं। UAE विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के सभी दावे तथ्यहीन हैं और किसी विश्वसनीय जानकारी पर आधारित नहीं हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिका-ईरान वार्ता के तहत 10 से 20 अरब डॉलर तक की राशि खोलने पर सहमति बन गई है और पहली किस्त भी जारी कर दी गई है, लेकिन UAE ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया।
फ्रांस की अपील- शांति का मौका न गंवाएं
फांस ने अमेरिका और ईरान दोनों से शांति समझौते का अवसर नहीं गंवाने की अपील की है। फ्रांसीसी विदेश मंत्री जां-नोएल बारो ने कहा कि दोनों देशों में समझौते की इच्छा दिखाई दे रही है और मौजूदा टकराव किसी के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह संकट सभी पक्षों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है और अब कूटनीतिक समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
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