Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने गुरुवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस अभियान ने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि अब वहां कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। सेना ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की लगातार चलने वाली कार्रवाई की शुरुआत है।
जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवान मारे गए, जबकि आतंकी कैंपों में 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया।
“पहलगाम जैसा हमला दोबारा नहीं होने देंगे”
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन भारत यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसा हमला दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिए सेना को पूरी छूट दी गई थी और लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट था।
उन्होंने कहा,
“जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाता है, तब कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है। और जब भारत कार्रवाई करता है, तो उसमें कोई नरमी नहीं होती।”
DGMO राजीव घई बोले- ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनी ताकत
डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ सिर्फ नारा नहीं, बल्कि देश की सैन्य ताकत है। उन्होंने बताया कि सेना अब 65% से ज्यादा स्वदेशी रक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है।
घई ने कहा,
“हम अपना संदेश दे चुके हैं। आतंकवादी गतिविधियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।”
उन्होंने मशहूर शायर दुष्यंत कुमार का शेर भी पढ़ा—
“सिर्फ हंगामा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।”
7 मई 2025 को शुरू हुआ था ऑपरेशन
सेना के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। इस दौरान भारतीय सेना ने 7 और भारतीय वायु सेना ने 2 बड़े लक्ष्यों पर सटीक कार्रवाई की। अभियान के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कुल 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
सेना ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में दुश्मन के 11 एयर फील्ड नष्ट किए गए और 13 विमान मार गिराए गए। साथ ही पाकिस्तान की ओर से किए गए सभी हमलों को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक न्यूट्रलाइज कर दिया। सेना का कहना है कि पूरे ऑपरेशन के दौरान भारत के किसी भी सैन्य या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सेना ने साफ कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा।






