Malviya Nagar Fire Update: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी भीषण आग के मामले में कई दर्दनाक तथ्य सामने आए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में एक अफ्रीकी दंपति भी शामिल था, जिनके शव बाथरूम में एक-दूसरे को गले लगाए हुए मिले। बचाव दल के अनुसार महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह दंपति पास के अस्पताल में IVF उपचार के लिए दिल्ली आया था।
हादसे में जान गंवाने वाली 61 वर्षीय लाइबेरियाई महिला जेनजे एन. रोलैंड की भी पहचान कर ली गई है। उनके बीमार पति पहले से ही मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। महिला के एक रिश्तेदार ने AIIMS मोर्चरी पहुंचकर शव की पहचान की।
होटल मालिक का चौंकाने वाला बयान
मामले के मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को अदालत ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने पूछा कि छह कमरों के लाइसेंस पर 25 कमरे कैसे संचालित किए जा रहे थे और फायर एनओसी क्यों नहीं थी, तो आरोपी ने कथित तौर पर जवाब दिया, “दिल्ली में सब चलता है।”

पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल तीन साझेदारों द्वारा संचालित किया जा रहा था और इनके दिल्ली में कई अन्य होटल व गेस्ट हाउस भी हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी था।
ये भी पढ़ेंः
मालवीय नगर अग्निकांड: होटल में भीषण आग से 21 की मौत, 11 विदेशी नागरिक भी शामिल; मालिक गिरफ्तार, फायर NOC बिना चल रहा था होटल
आग लगने के बाद भाग गया मालिक
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आग लगने के दौरान लवकेश बजाज अपनी कार से जलती इमारत के पास से गुजरा था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह डर के कारण वहां से भाग गया और किसी भी फंसे हुए व्यक्ति की मदद नहीं की। पूरे दिन वह शहर में इधर-उधर घूमता रहा।
ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग, बचने का रास्ता बंद
3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हुए। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय नागरिक शामिल हैं। विदेशियों में नौ अफ्रीकी देशों के नागरिक बताए गए हैं।
दिल्ली फायर सर्विस के मुख्य अग्निशमन अधिकारी ए.के. मलिक के अनुसार यह ग्राउंड प्लस पांच मंजिला इमारत थी, जिसमें आने-जाने के लिए केवल एक सीढ़ी थी। आग ग्राउंड फ्लोर पर लगने के कारण निकास का एकमात्र रास्ता बंद हो गया और धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। सभी खिड़कियां सील होने के कारण अंदर फंसे लोगों के बचने की संभावना बेहद कम रह गई।
हादसे की पांच बड़ी वजहें
- होटल की खिड़कियां पूरी तरह बंद थीं और पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था।
- इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही रास्ता मौजूद था।
- बाहरी फायर एस्केप या आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं थी।
- सेंसर आधारित मुख्य गेट कथित रूप से बंद हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके।
- स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
- ग्राउंड फ्लोर पर कई भारी एलपीजी सिलेंडर रखे गए थे, जिनके लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।
ये भी पढ़ेंः





