Iran President Resignation: ईरान की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा भेज दिया है। रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रपति देश की सत्ता और नीतिगत फैसलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बढ़ते प्रभाव से असंतुष्ट थे और इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पजशकियान ने अपने कथित इस्तीफा पत्र में कहा है कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव और संघर्ष बढ़ने के बाद उनकी सरकार को महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया से लगभग अलग कर दिया गया। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसलों में निर्वाचित सरकार की भूमिका लगातार कम होती गई, जबकि वास्तविक नियंत्रण सैन्य नेतृत्व और IRGC कमांडरों के हाथों में केंद्रित हो गया।
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि सरकार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी तक समय पर नहीं दी जा रही थी और प्रमुख रणनीतिक फैसले सरकारी संस्थाओं को विश्वास में लिए बिना किए जा रहे थे। ऐसे हालात में उनके लिए अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना कठिन हो गया था।
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हालांकि, इस्तीफे की खबर सामने आते ही ईरानी सरकार ने इसे खारिज कर दिया। राष्ट्रपति कार्यालय में संचार एवं सूचना प्रसार विभाग के उप प्रमुख सैयद मेहदी तबातबाई ने कहा कि राष्ट्रपति के इस्तीफे की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसूद पजशकियान अपने पद पर बने हुए हैं और नियमित रूप से सरकारी कार्यों का संचालन कर रहे हैं।
फिलहाल राष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से इस संबंध में कोई बयान जारी किया गया है। ऐसे में इस्तीफे की खबर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन इन रिपोर्ट्स ने ईरान की सत्ता संरचना, सैन्य प्रतिष्ठान और निर्वाचित सरकार के बीच संबंधों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई होती है तो यह ईरान की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है। वहीं, सरकार के आधिकारिक खंडन के बाद अब सभी की नजरें तेहरान से आने वाले अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।
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