Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान नहीं सुधरा तो उसका अस्तित्व ही नहीं बचेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर बड़े सैन्य हमले की पुष्टि की है। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ट्रंप की ईरान को खुली धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रहा है और अमेरिका हमेशा संयम नहीं बरत सकता। ट्रंप ने लिखा,
“लगता है ईरान कभी नहीं सुधरेगा। हम हमेशा संयम नहीं बरत सकते। अगर जरूरत पड़ी तो हम उस सैन्य अभियान को पूरा करेंगे जिसकी शुरुआत हमने सफलतापूर्वक की थी। अगर ऐसा हुआ तो ईरान का अस्तित्व ही नहीं बचेगा।”
ट्रंप के इस बयान को अमेरिका की अब तक की सबसे कड़ी चेतावनियों में से एक माना जा रहा है।
UPDATE: President Trump says Iran will no longer Exist if it continues to violate the CeaseFire.
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) June 28, 2026
होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका का बड़ा सैन्य ऑपरेशन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ (MT Kiku) नामक तेल टैंकर पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
अमेरिका का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ड्रोन और मिसाइल हमलों की योजना बनाने तथा समुद्री मार्गों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।
U.S. Navy and Air Force fighter jets conducted strikes tonight on 10 Iranian military targets at multiple locations in and near the Strait of Hormuz for Iran’s drone attack on M/T Kiku. pic.twitter.com/Z0TLZRqmF6
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 28, 2026
ईरान का बहरीन और कुवैत में जवाबी हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिका की सैन्य मौजूदगी को निशाना बनाते हुए कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
हालांकि अमेरिकी सेना की ओर से इन हमलों में हुए नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
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कुवैत ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें हवा में मार गिराईं
कुवैत की सेना ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार इस कार्रवाई में किसी तरह की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
कुवैत ने ईरान की कार्रवाई को संप्रभुता का उल्लंघन बताया
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी सैन्य कार्रवाई पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है और इससे तनाव कम करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को भी झटका लगेगा।
ईरान और इराक के विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बगदाद में इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन से मुलाकात की। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
फुआद हुसैन ने कहा कि क्षेत्र में युद्ध अभी भी अलग-अलग रूपों में जारी है और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंधों और मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की।
पाकिस्तान और बहरीन के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत
पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जयानी से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की।
इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र और दुनिया में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहेगा।
वैश्विक चिंता बढ़ी
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर डाल सकता है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है।
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