Israel Slams Pakistan: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विवादों में पाकिस्तान को निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं माना जा सकता, क्योंकि उसकी कुछ पक्षों के साथ नजदीकियां बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। वहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उस पर हमला किया गया तो वह उसका कड़ा जवाब देगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने भी क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
पाकिस्तान पर इजराइल का बड़ा बयान
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कई सवाल मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद में मध्यस्थ की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है जब वह पूरी तरह निष्पक्ष हो। अजार ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में हमास नेताओं की पाकिस्तान और बांग्लादेश यात्राएं बढ़ी हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि इजराइल जिन खतरों का सामना कर रहा है, उनसे दूसरे देशों को भी सबक लेने की जरूरत है।
ईरान की चेतावनी- हमला हुआ तो जवाब देंगे
दूसरी ओर ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की जाती है तो वह उसका जवाब जरूर देगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना उसका अधिकार है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि क्षेत्र के कुछ देश जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने अमेरिका को अपनी जमीन और सैन्य सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी है। ईरान ने विशेष रूप से कुवैत और बहरीन का उल्लेख किया।
ट्रंप बोले- खामेनेई से मुलाकात हुई तो गर्व होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता के पुत्र मुजतबा खामेनेई से मिलने की इच्छा नहीं रखते, लेकिन यदि भविष्य में ऐसी मुलाकात होती है तो उन्हें गर्व होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है तो शीर्ष स्तर पर बातचीत की संभावना बन सकती है और वह सम्मानजनक तरीके से बातचीत करेंगे।
Trump:
I don’t want to meet with the Ayatollah, but if I did meet him, I would be honored to meet him.
I would be respectful. pic.twitter.com/kxVOpetzxn
— Clash Report (@clashreport) June 4, 2026
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ईरान से यूरेनियम लेने के लिए सैन्य विकल्प पर भी हुआ था विचार
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उनकी सरकार ने ईरान से संवर्धित यूरेनियम हासिल करने के लिए सैनिक भेजने की संभावना पर विचार किया था। हालांकि बाद में यह योजना खारिज कर दी गई, क्योंकि इसमें अमेरिकी सैनिकों के लिए बड़ा जोखिम था। ट्रंप ने कहा कि यह कोई त्वरित ऑपरेशन नहीं होता, बल्कि इसमें कई सप्ताह और भारी सैन्य संसाधनों की जरूरत पड़ती।
WATCH: Trump says his administration considered sending troops to seize Iran’s uranium, but ultimately rejected the idea because it was too risky and could have led to U.S. casualties, drawing comparisons to Carter’s failed hostage rescue mission. pic.twitter.com/vyDYkNEE21
— Clash Report (@clashreport) June 4, 2026
लेबनान में इजराइली हमले तेज
उधर दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई जारी है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक टायर क्षेत्र में इजराइली लड़ाकू विमानों ने कई मिसाइलें दागीं, जिनमें कुछ जाबल आमेल अस्पताल के आसपास गिरीं। कुछ दिन पहले इसी अस्पताल के निकट हुए हमले में चार लोगों की मौत हुई थी और अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा टायर जिले के देइर अमास क्षेत्र में भी गोलाबारी की खबरें सामने आई हैं।
क्षेत्र में बढ़ रहा तनाव
इजराइल के पाकिस्तान पर तीखे बयान, ईरान की चेतावनी, ट्रंप के खुलासे और लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई ने मध्य पूर्व के हालात को और संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
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