US Pilot Rescue from Iran: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने एक पायलट को ईरानी क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर अमेरिकी स्पेशल कमांडो द्वारा अंजाम दिया गया यह मिशन सफल रहा।
ट्रंप का बयान
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा:
“WE GOT HIM! पिछले कुछ घंटों में अमेरिकी सेना ने हमारे एक शानदार क्रू मेंबर अधिकारी को ईरान के भीतर एक साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सुरक्षित रूप से बचा लिया। वह घायल है लेकिन अब SAFE and SOUND (सुरक्षित और स्वस्थ) है। यह मिशन US इतिहास के सबसे डरिंग सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में से एक था।”
उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन में दर्जनों विमान और विशेष दस्ते शामिल थे, और दोनों अमेरिकी एयरमैन को बिना किसी अमेरिकी हताहत के दुश्मन के गहरे क्षेत्र से अलग-अलग बचाया गया। ट्रंप ने इसे अमेरिकी वायु श्रेष्ठता और सेना की उत्कृष्टता का सबूत बताया।
“इजरायली इस साहसी ऑपरेशन से खुश”
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने ट्रंप को बधाई देते हुए कहा:
“मैं अपने मित्र डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के बहादुर योद्धाओं द्वारा एक साहसी अमेरिकी पायलट को बचाए जाने पर बधाई देता हूं। सभी इजरायली इस शानदार ऑपरेशन से खुश हैं। यह साबित करता है कि जब आजाद समाज साहस और दृढ़ संकल्प के साथ काम करता है, तो वे अंधकार और आतंक की ताकतों को हरा सकते हैं। यह ऑपरेशन इस पवित्र सिद्धांत को मजबूत करता है कि किसी को भी पीछे नहीं छोड़ा जाता।”
अपने भाई का भी किया जिक्र
नेतन्याहू ने अपने दिवंगत भाई योहनातन नेतन्याहू का जिक्र किया, जिन्होंने 1976 में प्रसिद्ध एंटेबे बचाव अभियान में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति के रूप में जिन्होंने रेस्क्यू मिशनों में अपनों को खोया है, वह समझते हैं कि दुश्मन के इलाके में जाकर अपने सैनिक को बचाना कितना कठिन और साहसी निर्णय होता है। उन्होंने कहा:
“मेरे प्यारे मित्र ट्रंप, एक बार फिर आपके नेतृत्व ने अमेरिका को बड़ी जीत दिलाई है। मैं आपको सलाम करता हूं।”
रक्षा मंत्री ने पहले दी थी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री योव कट्ज़ ने कहा कि दो अमेरिकी एयरमैन का बचाव यह दर्शाता है कि मुश्किल समय में अमेरिकी और इजरायली सेनाएं साथ काम करने में सक्षम हैं। कट्ज़ ने इसे अमेरिका और इजरायल के करीबी सहयोग का एक और उदाहरण बताया और कहा कि सबसे कठिन परिस्थितियों में भी दोनों देश एक साथ हैं।
इजरायली इंटेलिजेंस ने भी दिया समर्थन
इजरायली मीडिया के अनुसार, मिशन में देश की सीधी भूमिका स्पष्ट नहीं है, लेकिन इजरायली इंटेलिजेंस ने रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद की। इसके तहत ईरान के पहाड़ी इलाके में दूसरे मिशन के दौरान स्पेशल ऑपरेशन सैनिक भेजे गए। कट्ज ने चेतावनी दी कि अगर ईरान इजरायल पर मिसाइल हमला करता रहा, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और उसका राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित होगा।







