Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को FIR दर्ज करा दी। यह कार्रवाई मामला सामने आने के करीब 18 दिन बाद की गई है। ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज इस मुकदमे में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का नाम भी शामिल है। हालांकि FIR में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।
FIR दर्ज होते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
FIR में इन 8 लोगों को बनाया गया आरोपी
ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई FIR में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के आधार पर इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच में नए तथ्य सामने आने पर अन्य लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं।
7 जून को पहली बार सामने आया था मामला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। आरोप लगे थे कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राज्य सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने कई दिनों तक दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, दानपात्रों की व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की। 23 जून को जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
चंपत राय का नाम शामिल होने की चर्चा थी
FIR दर्ज होने से पहले यह चर्चा थी कि SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों की भूमिका की जांच का उल्लेख किया गया है। माना जा रहा था कि रिपोर्ट के आधार पर इन लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।
हालांकि गुरुवार को दर्ज FIR में इन वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम शामिल नहीं किया गया। इसी वजह से राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या जांच का दायरा आगे बढ़ेगा या नहीं।

जांच में टिन्नू यादव के पास मिली थीं दानपात्रों की चाबियां
सूत्रों के अनुसार SIT जांच के दौरान मंदिर के दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास मिली थीं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि चढ़ावे के प्रबंधन में कई स्तरों पर अनियमितताएं हुई हो सकती हैं।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान SIT ने करीब 150 कर्मचारियों और सेवादारों की पहचान की थी, जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक बेहतर हुई थी। टीम इन सभी लोगों के वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिखवाया गया
मामले से जुड़े सूत्रों का दावा है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिखवा लिया गया है। हालांकि ट्रस्ट या संबंधित पदाधिकारियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस बीच मामले को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार बोले- जिनके नाम नहीं हैं, उनकी भी जांच हो
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने FIR दर्ज होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने मामले में मुकदमा दर्ज कराकर सही कदम उठाया है, लेकिन जिन लोगों के नाम FIR में शामिल नहीं किए गए हैं, उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट ने एक दिन की भी देरी नहीं की और तुरंत मुकदमा दर्ज कराया। आलोक कुमार ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए ताकि दोषियों को शीघ्र सजा मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में पहला कदम तब उठाया गया था जब चंपत राय ने स्वयं मुख्यमंत्री से SIT गठन की मांग की थी। दूसरा कदम तब हुआ जब जांच शुरू होने पर उन्होंने कहा कि जांच की शुरुआत उनसे की जाए और वे सभी सवालों के जवाब देने को तैयार हैं।
#WATCH | Faridabad, Haryana: On FIR registered in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, International President, Vishva Hindu Parishad, Alok Kumar says, “I am very satisfied. Yesterday, we said that an FIR should be filed. The SIT report has arrived. It… pic.twitter.com/tz0NCMEsRg
— ANI (@ANI) June 25, 2026
इकबाल अंसारी बोले- दोषी बच नहीं पाएंगे
बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी इकबाल अंसारी ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस मामले में शामिल हैं, वे जल्द ही कानून के शिकंजे में आएंगे और चोरी से जुड़ी सभी चीजें भी बरामद की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मंदिर श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, इसलिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।
#WATCH | Ayodhya, UP: On FIR registered in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, former plaintiff in Babri Masjid-Ram Janmabhoomi case, Iqbal Ansari says, “…We are confident that those who were involved will be caught and the things stolen will be… pic.twitter.com/tilTTK2nsY
— ANI (@ANI) June 25, 2026
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवान राम के मंदिर में चोरी करने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के सामने जवाब देना ही होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए कहा कि मामले में शामिल लोगों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
#WATCH | Ghaziabad, UP: On FIR registered in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, Acharya Pramod Krishnam says, “Thief can be sly but he is ultimately caught one day…Theft at Lord Ram’s temple will not leave them any place anywhere, neither in this world… pic.twitter.com/9lsqCAAnqw
— ANI (@ANI) June 25, 2026
कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने कहा कि श्रद्धालुओं ने भगवान राम के प्रति आस्था के कारण मंदिर में दान दिया था। ऐसे में यदि चढ़ावे में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम लोग शुरुआत से ही FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे। उनके अनुसार, विश्व हिंदू परिषद ने भी बाद में इस मुद्दे को उठाया, जबकि जनता पहले दिन से ही कार्रवाई चाहती थी।
Lucknow, Uttar Pradesh: On the Ram Mandir donation theft row, Congress MP Rakesh Rathore says, “First, an FIR should be registered, then an investigation should be conducted… The matter should be investigated by the CBI.” pic.twitter.com/c1bD8wbeA0
— IANS (@ians_india) June 25, 2026
जांच पर टिकी सबकी नजर
FIR दर्ज होने और शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद अब सबकी नजर पुलिस और SIT की आगे की जांच पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच केवल नामजद आरोपियों तक सीमित रहती है या फिर उन लोगों की भूमिका की भी जांच होती है जिनके नामों को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
मामले की संवेदनशीलता और राम मंदिर से जुड़ी देशव्यापी आस्था को देखते हुए जांच एजेंसियों पर निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करने का दबाव बना हुआ है।
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