Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जांच लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक भी बरामद हुई है, जो देखने में बिल्कुल असली रसीद जैसी है और उस पर ट्रस्ट का लोगो भी छपा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे इन फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से चंदे के नाम पर पैसे वसूलते थे। शुरुआत में जब कोई श्रद्धालु मंदिर में दान देने की इच्छा जताता था, तो उसे यही नकली रसीद थमा दी जाती थी ताकि किसी को संदेह न हो। बाद में ट्रस्ट की ओर से ऑनलाइन रसीद व्यवस्था लागू होने के बाद इन रसीदों का उपयोग बंद कर दिया गया।
आरोपियों के घर पहुंची पुलिस
बुधवार को पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित जौरा क्षेत्र पहुंची। जांच एजेंसियों को शक है कि चोरी किए गए नोटों की गिनती और उनका बंटवारा इसी इलाके में किया जाता था।
इसके बाद पुलिस टीम आरोपी लवकुश मिश्रा के घर भी पहुंची, जहां परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। घर की तलाशी के दौरान कुछ नकदी भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि बरामद रकम का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।
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सर्राफा और बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी के यहां भी छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस ने मिल्कीपुर क्षेत्र सहित कई अन्य स्थानों पर भी दबिश दी। अनुकल्प मिश्रा के रिश्तेदारों और कुछ कारोबारियों से भी पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों ने कथित रूप से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों और अन्य सामान का भुगतान नकद किया था या ऑनलाइन।
गोपाल राव ने ट्रस्ट के प्रेस नोट पर उठाए सवाल
इस बीच ट्रस्ट के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य रहे गोपाल राव (गोपाल नगरकोटे) ने दावा किया है कि उन्हें ट्रस्ट से नहीं हटाया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में चल रही खबरें गलत हैं। जबकि ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस नोट में उन्हें विशिष्ट आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाए जाने की जानकारी दी गई थी।
SIT ने बड़े आयोजनों के खर्च की जांच शुरू की
अब SIT ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े आयोजनों के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी है। जांच टीम 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम से जुड़े बिल, वाउचर और खर्च के दस्तावेज खंगाल रही है।
रिकॉर्ड के अनुसार, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर करीब 113 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जिसमें लगभग 8 हजार मेहमान शामिल हुए थे। वहीं ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपए खर्च होने का उल्लेख रिकॉर्ड में दर्ज है।
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