Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। उनकी लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए यह कदम उठाया गया। पुलिस की कार्रवाई का प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया, जिसके बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को भी हटा दिया।
सोनम वांगचुक राष्ट्रीय स्तर पर सामने आए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय से भोजन न करने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी।
डॉक्टरों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का अब तक करीब 9.5 किलोग्राम वजन घट चुका है। शुक्रवार को बीते 24 घंटों में उनका वजन 350 ग्राम और कम होकर 56.55 किलोग्राम रह गया था। चिकित्सकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को चिंताजनक बताया है।

#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk, who was sitting on a hunger strike from last 20 days at Jantar Mantar, taken to the hospital by the police.
More details awaited. pic.twitter.com/81DTO3cyh4
— ANI (@ANI) July 18, 2026
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक का रोजाना मेडिकल चेकअप कराया जाए और यदि जरूरत पड़े तो उन्हें तुरंत उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों ने नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर का खतरनाक स्तर तक गिरना) के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी लगातार खराब बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस का बयान- हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें उचित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि वांगचुक फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है।
VIDEO | Delhi Police shifts Sonam Wangchuk to hospital on day 21 of his hunger strike.
DCP New Delhi Sachin Sharma says, “In accordance with the orders of the High Court, and considering his health and medical condition, Sonam Wangchuk has been taken to an appropriate government… pic.twitter.com/VNWwtGiYgw
— Press Trust of India (@PTI_News) July 18, 2026
प्रदर्शनकारी का दावा- मेडिकल टीम बनकर पहुंचे थे पुलिसकर्मी
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने दावा किया कि शनिवार सुबह करीब 10 पुलिसकर्मी मेडिकल टीम बनकर धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के हाव-भाव देखकर प्रदर्शनकारियों को समझ आ गया कि वे डॉक्टर नहीं हैं। प्रदर्शनकारी के अनुसार, पुलिस ने स्वयंसेवकों को एक तरफ हटने के लिए कहा और बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। प्रदर्शनकारी ने आशंका जताई कि अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया है, क्योंकि उनका फोन बंद आ रहा है और वे धरनास्थल पर नहीं लौटे।
#WATCH | Delhi: One of the protestors says, “Early in the morning, they sent in about ten police officers, claiming they were a medical team. We realized they were police since they didn’t look like doctors and they ordered all the volunteers to move aside. We kept requesting… https://t.co/8yMzCe89gH pic.twitter.com/7TWkJbXGPf
— ANI (@ANI) July 18, 2026
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अभिजीत दीपके बोले- अब पीएम मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेंगे
प्रदर्शनकारी अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि सोनम वांगचुक को यहां से हटाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च का कार्यक्रम तय समय पर होगा। दीपके ने कहा कि अब तक आंदोलनकारी केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस कार्रवाई के बाद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेंगे।
#WATCH | Delhi: Founding President of the Cockroach Janta Party, Abhijeet Dipke, says, “If they think that taking Sonam Sir away will end this movement, they are mistaken. We will remain here, and will march to Parliament on July 20.”
He further said, “Until now, we were… pic.twitter.com/SujcDLPcuQ
— ANI (@ANI) July 18, 2026
संजय सिंह बोले- पुलिस जबरन सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक अपनी मांगों को लेकर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे और अपनी जिंदगी दांव पर लगा चुके थे, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से उनसे बातचीत की कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि न तो प्रधानमंत्री ने वांगचुक से बात की और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने पहुंचा। संजय सिंह के मुताबिक, पुलिस ने वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को संसद तक मार्च के वांगचुक के आह्वान को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।
जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।@Wangchuk66 ज़िंदाबाद, युवा शक्ति ज़िंदाबाद। pic.twitter.com/dcl8cHMeqM
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 18, 2026
डिंपल यादव बोलीं- शांतिपूर्ण आवाजों को दबाना लोकतंत्र पर चोट
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “बीजेपी देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आई है। जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाने जैसा है।”
बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं।
जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं।
सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है। pic.twitter.com/mFVCA0CRtA
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
CJP का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले की निष्पक्ष जांच की है। सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। CJP का गठन उस टिप्पणी के बाद किया गया था, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया गया था।
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