Sonam Wangchuk: दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन रविवार को भी जारी है। उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी ड्रिप, ओआरएस और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। वांगचुक 28 जून से NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में अनशन कर रहे हैं।
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठ गए।
#WATCH | Delhi: The police took activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar for the past 20 days, to the hospital
DCP New Delhi tweeted, “As per orders of Hon’ble High Court and on expert medical advise due to the deteriorating health condition of… pic.twitter.com/o8HxPSzu0f
— ANI (@ANI) July 18, 2026
रात में मिला आदेश, थाने में हुई रिहर्सल
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय से वांगचुक को अस्पताल ले जाने के निर्देश मिले। इसके बाद मंदिर मार्ग थाने में वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी रणनीति तैयार की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने बिना किसी टकराव के एक मिनट से भी कम समय में वांगचुक को एम्बुलेंस तक पहुंचाने की रिहर्सल की, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।
CJP का संसद मार्च, पुलिस ने अनुमति से किया इनकार
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान किया है। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि मार्च हर हाल में निकाला जाएगा। वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दावा किया कि यदि स्वास्थ्य ने साथ दिया तो वांगचुक भी इस मार्च में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि संगठन ने मार्च की अनुमति नहीं ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब आवेदन किए जाने पर भी अनुमति मिलने की संभावना बेहद कम है। मानसून सत्र के दौरान संसद और इंडिया गेट क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू रहती है। ऐसे में बिना अनुमति मार्च करने वालों को हिरासत में लिया जा सकता है।
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वांगचुक को पोटैशियम की कमी, इलाज के लिए मना रहे डॉक्टर
डॉ. चारू बंबा ने बताया कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उनमें डिहाइड्रेशन के संकेत हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की लगातार समझाइश के बावजूद वांगचुक न तो ओआरएस, इलेक्ट्रोलाइट घोल और न ही ड्रिप लेने को तैयार हैं। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी उनकी जांच कर अस्पताल की मेडिकल टीम की राय से सहमति जताई है।
#WATCH | Delhi: On activitst Sonam Wangchuk’s health, Dr Charu Bamba, Medical Superintendent, Safdarjung Hospital, says, “He is admitted to our hospital since 7.30 am today. He is still fasting. His vital parameters like blood pressure, pulse rate, oxygen saturation are stable.… pic.twitter.com/ggQJZNBRtx
— ANI (@ANI) July 18, 2026
सफदरजंग अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे अस्पताल लाया गया था। जांच में उनके शरीर में डिहाइड्रेशन, पोटैशियम की कमी और अन्य मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।
डॉक्टर लगातार उन्हें इलाज, ड्रिप और दवाएं लेने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इनकार किया है। दूसरी ओर, उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने अस्पताल प्रशासन से परिवार की सहमति के बिना कोई उपचार नहीं करने की मांग की है।
पत्नी बोलीं- हाईकोर्ट ने अस्पताल में भर्ती करने का आदेश नहीं दिया
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश नहीं था, बल्कि केवल स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की बात कही गई थी। उन्होंने पोटैशियम स्तर की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे दूसरी लैब से जांच कराएंगे। उनके अनुसार, वांगचुक का अनशन अब भी जारी है और वह सिर्फ नमक मिला पानी पी रहे हैं। उन्होंने कहा कि वांगचुक कमजोर जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह सतर्क और मानसिक रूप से मजबूत हैं।
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk’s wife, Gitanjali J Angmo, says, “Regarding the High Court order, the order never mandated hospitalization. It simply stated that an individual’s health is paramount and must be monitored at regular intervals; it did not order… pic.twitter.com/Snh7R0Iw5r
— ANI (@ANI) July 18, 2026
DCP बोले- हाईकोर्ट के निर्देश पर अस्पताल ले गए
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश, डॉक्टरों की सलाह और वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने बताया कि लंबे अनशन के कारण वांगचुक में कमजोरी और डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं तथा विशेषज्ञ डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
#WATCH नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने कहा, “सुबह हाई कोर्ट के निर्देशों और रोज़ाना की जांच के शेड्यूल के मुताबिक, डॉक्टर सोनम वांगचुक की मेडिकल जांच के लिए पहुंचे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसमें रुकावट डाली, जिससे थोड़ी अफरा-तफरी मच गई। वांगचुक की नाज़ुक सेहत और डॉक्टरों की सलाह को… pic.twitter.com/jPP9DRcl2x
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 18, 2026
वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद
इसी बीच, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उधर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक को शनिवार को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाने की कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के आधार पर की गई।
#WATCH | Delhi | Azad Samaj Party-Kanshiram President and MP, Chandrashekhar Azad at the protest site at Jantar Mantar
Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police yesterday. The police stated… pic.twitter.com/FYC9TkUyru
— ANI (@ANI) July 18, 2026
पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वांगचुक को अस्पताल ले जाते समय उनके साथ धक्का-मुक्की की और प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की।
Watch | जंतर मंतर, दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, ” हम इस समय जंतर-मंतर पर हैं, जहाँ कुछ देर पहले सोनम वांगचुक को धक्का मुक्की करके, मारपीट करके यहाँ से जबरन उठाया गया, उनसे बदतमीजी की गई। हमारे जो स्टूडेंट्स यहाँ पर मौजूद थे, उनसे भी मारपीट की गई।… pic.twitter.com/D835RZMJoE
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) July 18, 2026
हालांकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से की गई।
इस बीच CJP ने अपनी मांगों का दायरा बढ़ाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
CJP क्यों कर रही है प्रदर्शन?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन कर रही है। संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। सोनम वांगचुक भी इसी आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे।
CJP का गठन उस विवाद के बाद हुआ था, जब चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से किए जाने संबंधी टिप्पणी को लेकर विरोध शुरू हुआ था।
पहले भी 170 दिन जेल में रह चुके हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लंबे आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं। सितंबर 2025 में लेह में उनके आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत और करीब 90 लोग घायल हुए थे।
सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए 26 सितंबर 2025 को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया, जहां वे करीब 170 दिनों तक बंद रहे।
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