US-Iran War: अमेरिका ने स्वीकार किया है कि ईरान के जवाबी हमलों में उसके करीब 100 सैनिक घायल हुए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि ये सैनिक 7 जुलाई के बाद हुए हमलों में घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि 96% सैनिक इलाज के बाद फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि ज्यादातर को सिर पर हल्की चोटें आई थीं।
सीन पार्नेल ने यह जानकारी न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के जवाब में दी, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ईरान के साथ युद्ध में घायल हुए सैनिकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहा है। पार्नेल ने कहा कि जानकारी साझा करने में जानबूझकर देरी की गई, क्योंकि ऐसा सैनिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया।
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। ईरान ने सोमवार को उन देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने मंगलवार सुबह ईरान के 9 शहरों पर हवाई हमले किए।
ईरान की लेबर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन शहरों को निशाना बनाया गया उनमें अबदानान, बंदर अब्बास, बंदर लेंगेह, बुशेहर, चाबहार, केश्म द्वीप, सीरिक, शीराज और कोनारक शामिल हैं।
कतर ने ईरान से नुकसान की भरपाई की मांग की
कतर ने ईरान से अपने यहां हुए सभी नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को भेजे गए पत्र में कतर ने कहा कि उसके क्षेत्र में हुए हमलों और उनसे हुए नुकसान के लिए ईरान पूरी तरह जिम्मेदार है और उसे हर नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।
कतर ने 7 जुलाई को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास उसके तेल टैंकर अल-रुकय्यात पर हुए हमले तथा 12 और 17 जुलाई को कतर पर हुए मिसाइल हमलों का भी उल्लेख किया है।
कतर ने यह भी कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के तहत अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
अमेरिका-ईरान युद्ध: 7 जुलाई से अब तक क्या-क्या हुआ?
पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता हुआ था, लेकिन अब यह लगभग पूरी तरह टूट चुका है।
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रिपोर्ट: अमेरिका में अपनी छवि सुधारने के लिए इजराइल ने 5 करोड़ डॉलर खर्च किए
गाजा और ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में इजराइल की छवि लगातार कमजोर हुई है। इसे सुधारने के लिए इजराइल ने बड़ा प्रचार अभियान शुरू किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोशल मीडिया, टेक्स्ट मैसेज और दक्षिणपंथी मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल सरकार ने डोनाल्ड ट्रम्प के पूर्व सहयोगी ब्रैड पार्सकेल की कंपनी के साथ 5 करोड़ डॉलर का करार किया है। इसके अलावा 2026 के लिए दुनिया भर में अपनी छवि मजबूत करने और अपने पक्ष में माहौल बनाने हेतु 70 करोड़ डॉलर का बजट तय किया गया है।
मार्च में जारी प्यू रिसर्च के सर्वे के अनुसार, करीब 60% अमेरिकी नागरिकों की इजराइल के प्रति नकारात्मक राय है। इसकी प्रमुख वजह गाजा और ईरान युद्ध को संभालने का तरीका माना जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्री के इंटरव्यू पर मचा विवाद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपने एक इंटरव्यू को लेकर अपने ही देश में विवादों में घिर गए हैं।
उन्होंने एक यूट्यूब इंटरव्यू में ईरान-अमेरिका और ईरान-इजराइल युद्ध, सरकार के फैसलों और देश की सुरक्षा व्यवस्था पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन सुरक्षा खामियों के कारण इजराइल ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और अहम ठिकानों पर हमला करने में सफल रहा, वे कमियां शायद अभी भी पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं।
इस बयान के बाद ईरान के कट्टरपंथी नेताओं और रूढ़िवादी मीडिया ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। उनका आरोप है कि विदेश मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक कर दी।
ईरान के सरकारी टीवी पर राजनीतिक विश्लेषक मुस्तफा खुशचश्म ने कहा, “अगर आपका मकसद अपनी छवि सुधारना था, तो इस इंटरव्यू से आपने अपनी स्थिति और खराब कर ली।”
युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी से जारी संघर्ष में अब तक 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं।
वहीं, ईरानी अधिकारियों का दावा है कि इस महीने शुरू हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है और 517 लोग घायल हुए हैं।
हालांकि, ईरान ने अब तक अमेरिकी हमलों से अपने सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को हुए कुल नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
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