Chhattisgarh Paper Leak: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में परीक्षा पेपर लीक करने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, एक निजी कृषि कॉलेज के प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में सुई से छोटा छेद किया और उसमें एंडोस्कोपी कैमरा डालकर प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद पेपर के सवाल हाथ से लिखकर छात्रों को ₹11-11 हजार में बेचे गए। मामले में प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 आरोपी अभी फरार हैं।
मामला इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय के B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से संबद्ध 28 कृषि कॉलेजों में आयोजित होनी थीं। पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
निजी कॉलेज का प्रोफेसर बताया जा रहा मास्टरमाइंड
पुलिस के मुताबिक, मामले का मास्टरमाइंड योगेश सोनकेसरिया है। वह दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में 2019 से प्रोफेसर है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता-जाता था।
17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। इसी दौरान उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लिए। आरोप है कि सभी पेपर कॉलेज में रखने के बाद उसने 20 अगस्त को होने वाली एंटोमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र वाला लिफाफा अपने घर ले गया।
पुलिस का कहना है कि घर पहुंचने के बाद योगेश ने सीलबंद लिफाफे में सुई से छोटा छेद किया। इसके बाद एंडोस्कोपी कैमरे को उस छेद के जरिए लिफाफे के अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। उसने प्रश्नपत्र के कंटेंट को हाथ से लिखकर अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए प्रति छात्र के हिसाब से बेच दिया।
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परीक्षा से दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हुआ पेपर
B.Sc. कृषि सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले WhatsApp पर वायरल हो गया था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र की तस्वीरें और सवाल विद्यार्थियों तक पहुंच गए।
पेपर लीक की जानकारी कवर्धा कृषि कॉलेज और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ई-मेल के जरिए मिली। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जांच शुरू हुई।
36 घंटे की जांच में खुला पेपर लीक का राज
पुलिस ने पेपर WhatsApp पर वायरल होने के बाद तकनीकी जांच शुरू की। दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमें कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में भेजी गईं।
करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया और 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
6 मोबाइल और रिकॉर्डिंग डिवाइस समेत सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹11 हजार नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत कई सामान बरामद किए हैं।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि लीक हुआ पेपर किन-किन छात्रों तक पहुंचा और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की तलाश भी जारी है।
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