Nepal Glacial Flood Update: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास गुरुवार को एक बार फिर धरती हिली। तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर दूर और उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बताया गया है। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। फिलहाल इससे किसी तरह के नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब करीब एक सप्ताह पहले 26 अगस्त को नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक 1,280 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल में 1,259 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है।
10 किलोमीटर की गहराई में आया भूकंप
भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5 थी और इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने भी भूकंप की लोकेशन और गहराई को लेकर इसी तरह की जानकारी दी है।
कम गहराई पर आने वाले भूकंपों में सतह पर झटके अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हो सकते हैं, क्योंकि भूकंपीय ऊर्जा को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। हालांकि, गुरुवार देर शाम तक भूकंप से किसी बड़े नुकसान, इमारत गिरने या लोगों के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी।
EQ of M: 2.8, On: 03/09/2026 20:01:31 IST, Lat: 28.020 N, Long: 92.587 E, Depth: 10 Km, Location: Tibet.
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बाढ़-भूस्खलन के बाद अब तक 1,280 मौतें
नेपाल और तिब्बत में 26 अगस्त को आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। नेपाल के प्रभावित इलाकों में लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं।
नेपाल में अब तक 1,259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, करीब 4,875 लोग अभी भी लापता हैं।
सबसे ज्यादा 355 शव चितवन से बरामद हुए हैं। इसके अलावा नवलपरासी ईस्ट से 218, नवलपरासी वेस्ट से 208 और नुवाकोट से 177 शव मिले हैं। नवलपरासी वेस्ट में मिले शवों में भारत से बरामद कर नेपाल को सौंपे गए 18 शव भी शामिल हैं।
तिब्बत में 100 नेपाली नागरिक लापता
नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री के मुताबिक, बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता हैं।
वहीं, तिब्बत के केरुंग इलाके में करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। नेपाल सरकार उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
भारत तक पहुंचे नेपाल के बाढ़ में बहकर आए शव
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कम से कम 19 शव मिले थे, जो नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के पानी के साथ बहकर भारत पहुंचे।
बताया गया कि ये शव भोटेकोशी से आगे त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत तक पहुंचे थे। शवों की पहचान और उन्हें नेपाल पहुंचाने की प्रक्रिया के तहत दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय किया गया।
आपदा से जूझ रहे इलाके में भूकंप ने बढ़ाई चिंता
नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाके अभी बाढ़ और भूस्खलन की तबाही से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं। बड़ी संख्या में लोग लापता हैं और कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। ऐसे में 5 तीव्रता का भूकंप आने से स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी नई बड़ी तबाही की सूचना नहीं है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
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