Nepal Earthquake: नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव कार्यों के बीच मंगलवार को भूकंप के झटकों से लोगों में एक बार फिर दहशत फैल गई। नेपाल और तिब्बत के पर्वतीय इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में भूकंप की तीव्रता 5.3 दर्ज की गई, जबकि नेपाल में भी 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई करीब 35 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
STORY | Earthquake measuring 5.3 magnitude strikes Nepal
An earthquake measuring 5.3 magnitude hit Mustang district in northwest Nepal on Tuesday.
(Report by: Shirish B Pradhan/PTI)
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— Press Trust of India (@PTI_News) September 8, 2026
नेपाल में भी 5.0 तीव्रता के झटके
वहीं, 8 सितंबर 2026 को भारतीय समयानुसार रात 9:38 बजे नेपाल में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र 29.022 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.978 डिग्री पूर्वी देशांतर पर बताया गया है। इसकी गहराई करीब 143 किलोमीटर थी।
भूकंप के झटकों के बाद लोगों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी के हताहत होने या बड़े स्तर पर संपत्ति के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।
बाढ़ के बाद भूकंप ने बढ़ाई चिंता
नेपाल और तिब्बत के कुछ हिस्से हाल ही में भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई और राहत-बचाव अभियान अभी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जारी है। ऐसे समय में भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
हिमालयी क्षेत्र अपनी जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही राहत एवं बचाव कार्य मुश्किल बने हुए हैं, ऐसे में भूकंप के बाद प्रशासन की निगरानी और सतर्कता बढ़ना स्वाभाविक है।
प्रशासन अलर्ट, हालात पर नजर
भूकंप के बाद संबंधित एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में किसी तरह के नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता संभावित प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन करना और किसी भी आपात स्थिति में राहत-बचाव अभियान को तुरंत सक्रिय करना है।






