Donald Trump: अमेरिका में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को देश में डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत 6 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई। पिछले सप्ताह यह कीमत करीब 5.85 डॉलर प्रति गैलन थी। वहीं, पिछले साल इसी समय डीजल लगभग 3.71 डॉलर प्रति गैलन बिक रहा था। यानी एक साल में इसकी कीमत में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप के मुताबिक, रूस में तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों का असर ईंधन बाजार पर पड़ रहा है।
ट्रंप ने जेलेंस्की के सामने उठाया मुद्दा
आयरलैंड दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ज़ेलेंस्की के सामने डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति से रूस में डीजल उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं पर हमले रोकने को कहा।
ट्रंप का दावा है कि रूस की रिफाइनरियों और ईंधन से जुड़ी दूसरी जगहों पर यूक्रेन के हमलों का असर अमेरिकी ईंधन कीमतों पर भी पड़ रहा है।
बाजार विशेषज्ञों की राय अलग
हालांकि, बाजार के जानकार डीजल की कीमतों में मौजूदा उछाल की वजह अलग बता रहे हैं। उनके मुताबिक, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़े तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर ऊपर धकेला है। इसका सीधा असर अमेरिका समेत दुनिया के कई बाजारों में ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और पेट्रोलियम से जुड़ी कई सुविधाओं को निशाना बनाया है। इन हमलों के बाद रूस के कुछ हिस्सों में ईंधन की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, इनका असर पेट्रोल की सप्लाई पर डीजल की तुलना में ज्यादा बताया गया है।
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रूस ने ईंधन निर्यात पर लगाई रोक
ईंधन की कमी से निपटने के लिए रूस ने पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं। डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध साल की शुरुआत में लगाया गया था, जबकि जुलाई में इसे पेट्रोल उत्पादकों पर भी लागू किया गया। डीजल निर्यात पर मौजूदा रोक सितंबर के अंत तक लागू है और इसे आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
डीजल महंगा होने का असर आम लोगों पर भी
अमेरिका में डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। डीजल खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों, मालवाहक ट्रकों और ट्रेनों के लिए प्रमुख ईंधन है। यही वाहन और परिवहन व्यवस्था खाद्य पदार्थों तथा कृषि उपज को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अलग-अलग अनुमानों के मुताबिक, अमेरिका में खाद्य पदार्थों की कुल लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 15 से 30 फीसदी तक हो सकती है। ऐसे में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
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