Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के खिलाफ एक बार फिर तीखे बयान दिए। शुक्रवार को UN में अपने संबोधन के दौरान शहबाज ने सिंधु नदी के पानी का मुद्दा उठाते हुए भारत को चेतावनी दी कि अगर पानी रोकने की कोशिश की गई तो पाकिस्तान इसे ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी को हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, नदियों का काम देशों को पानी उपलब्ध कराना है, उन्हें बांटना नहीं। उन्होंने भारत से इस मामले में कोई गलती नहीं करने को कहा।
शहबाज की भारत को धमकी- ‘सिंधु का पानी रोका तो युद्ध मानेंगे’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा पानी केवल पाकिस्तान के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या उसका रुख मोड़ने की किसी भी कोशिश को ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा।
शहबाज ने कहा, “भारत को इस बारे में कोई गलती नहीं करनी चाहिए।”
BIG: Pakistan’s PM Shehbaz Sharif:
The shared waters of the Indus River system are the lifeblood not only for the people of Pakistan but for the entire region.
Any attempt to stop, impede, or divert Pakistan’s share of the waters will be treated as an act of war.
India must… pic.twitter.com/xbdsqrjChL
— Clash Report (@clashreport) September 25, 2026
सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर निशाना
शहबाज ने सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद भारत ने इस संधि को एकतरफा रोक दिया, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दावा किया कि UN के विशेषज्ञों और स्थायी मध्यस्थता अदालत ने भी इस मामले में भारत के दावों और कदमों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान का रुख सही साबित हुआ है।
कश्मीर को बताया ‘गले की नस’
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए ‘जगलर वेन’ यानी गले की नस बताया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए कश्मीर मुद्दे का समाधान जरूरी है।
पहलगाम हमले और भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र
शहबाज ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ने फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के नेतृत्व में सटीक जवाब दिया।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और युद्ध जैसी स्थिति को टालने में ट्रंप की भूमिका अहम रही। शहबाज के मुताबिक, उनकी कोशिशों से बड़ा टकराव टल गया।
भारत ने UN में पाकिस्तान को दिया जवाब
शहबाज के बयान के बाद भारत की UN में फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को जवाब दिया। उन्होंने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान हर साल झूठ दोहराता है, लेकिन इससे वह सच नहीं बन जाता। कश्मीर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
उन्होंने पाकिस्तान से कहा कि अगर वह कश्मीर की बात करना चाहता है तो पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों की स्थिति पर ध्यान दे।
9/11 और ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र
पेटल गहलोत ने अपने जवाब में 9/11 आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने हाल ही में 9/11 हमले की 25वीं बरसी मनाई है।
उन्होंने कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सबसे बड़ी सैन्य अकादमी के पास छिपकर रह रहा था। गहलोत ने कहा कि इसके बावजूद पाकिस्तान के प्रतिनिधि उसी सेना की तारीफ कर रहे थे।
भारत ने पाकिस्तान की सरकार को लेकर ‘फॉर्म-47 सरकार’ का भी जिक्र किया। यह शब्द पाकिस्तान के 2024 के चुनावों में धांधली के आरोपों के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है।






