Bank Work Alert: अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम पेंडिंग है तो उसे आज ही निपटा लें। कल से लगातार 3 दिनों तक सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहेगा। बैंक कर्मचारी हफ्ते में 5 दिन काम और 2 दिन छुट्टी की मांग को लेकर हड़ताल पर जा रहे हैं।
रविवार होने के बावजूद आज सरकारी बैंक खुले रहेंगे। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक बैंक कर्मचारियों की हड़ताल रहेगी। ऐसे में बैंक शाखाओं में कैश जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े काम और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
5-डे वर्किंग की मांग पर हड़ताल
बैंक कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से 5-डे वर्किंग लागू करने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि बैंकों में सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
हड़ताल में AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC समेत 7 प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल हैं। यूनियनों का दावा है कि इन संगठनों से करीब 90% से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं।
5-डे बैंकिंग की मांग के पीछे कुछ और मकसद? BMS नेता गिरीश चंद्र आर्य ने उठाए सवाल
पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था और रविवार को बैंक संचालन को लेकर BMS नेता गिरीश चंद्र आर्य ने 28, 29 और 30 सितंबर की हड़ताल को लेकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल का आह्वान UFBU की ओर से किया गया है और BMS इसमें शामिल नहीं है। उनके मुताबिक, BMS के लिए बैंकिंग सामान्य रहेगी।
आर्य ने कहा कि रविवार को बैंक खोलने को लेकर BMS को आपत्ति थी, क्योंकि इसकी जरूरत नहीं थी। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को DFS के सचिव से मुलाकात कर इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण लिया गया था।
BMS नेता ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ 5-डे बैंकिंग के मुद्दे पर पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय छमाही क्लोजिंग का है और ऐसे समय में हड़ताल को लेकर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले 11 तारीख और 27 जनवरी को भी हड़ताल का आह्वान किया गया था। आर्य के मुताबिक, BMS 27 जनवरी की हड़ताल में शामिल था, लेकिन मौजूदा हड़ताल में संगठन शामिल नहीं है।
आर्य ने दावा किया कि “यह हड़ताल बैंक कर्मचारियों के लिए 5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर नहीं है, बल्कि इसका मकसद कुछ और है।”
VIDEO | Delhi: On five-day banking system and bank operations on Sunday, BMS leader Girish Chandra Arya says, “This strike on the 28th, 29th, and 30th is not just for three days; before that, there is Saturday and Sunday. Although the government has declared Sunday as a working… pic.twitter.com/nkVrG0az8P
— Press Trust of India (@PTI_News) September 26, 2026
सरकार और बैंक यूनियनों के बीच नहीं बनी सहमति
हड़ताल से पहले वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से यूनियनों से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई थी। हालांकि, यूनियनों ने अपनी मांगों पर कायम रहने का फैसला किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार का कहना है कि बैंकों में 5-डे वर्किंग लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया गया था और सैलरी रिवीजन की बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी थी।
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ATM से कैश निकालने वालों को राहत
हड़ताल के दौरान सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने की सुविधा जारी रहेगी। दी गई जानकारी के मुताबिक, मंथली फ्री ATM लिमिट खत्म होने के बाद भी हड़ताल के दौरान कैश निकासी पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
RBI के मौजूदा नियमों के तहत ग्राहक अपने बैंक के ATM से हर महीने 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। दूसरे बैंक के ATM से मेट्रो शहरों में 3 और गैर-मेट्रो शहरों में 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है। इसके बाद कैश निकासी पर ₹23 + GST का चार्ज लगता है।
PLI को लेकर भी विरोध
5-डे वर्किंग के अलावा बैंक यूनियनें परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़े नए नियमों का भी विरोध कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रदर्शन के आधार पर इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है।
ऐसे में अगर आपको बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो आज ही उसे पूरा कर लेना बेहतर होगा, क्योंकि अगले तीन दिनों तक हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं।
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