Smit Machchhar Indian Pilot: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विमान हादसा टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की है। नेतन्याहू ने X पर पोस्ट कर कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हमलावर का सामना किया। उन्होंने भारतीय पायलट को ‘सच्चा हीरो’ बताया।
इजरायली PM ने कहा कि कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। कैप्टन स्मित की बहादुरी की वजह से विमान में सवार 174 लोगों की जान बची। इनमें इजराइली नागरिकों के साथ दूसरे देशों के लोग भी शामिल थे।
My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.
Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker — preventing a catastrophic mid-air…
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026
PM मोदी ने भी कैप्टन स्मित को बताया ‘हीरो’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने X पर लिखा:
“कैप्टन स्मित मछार एक HERO हैं। सबसे गंभीर खतरे के बीच, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपार साहस और दूसरों की जान बचाने का अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। भारत को कैप्टन मछार पर गर्व है। उनके जल्द स्वस्थ होने, नई ऊर्जा और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”
Captain Smit Machchhar is a HERO.
In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others.
His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy.
India is proud of…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में पायलट पर चाकू से हमला
दरअसल, बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान भारतीय पायलट स्मित मछार पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उसे क्रैश कराने की कोशिश की।
हालांकि, कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी और हमले के बावजूद संघर्ष करते हुए इस साजिश को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई।
ट्रंप बोले- प्लंबर यात्री ने भी संभाली स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारतीय पायलट स्मित मछार की तारीफ की। ट्रंप ने बताया कि घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद एक यात्री भी कॉकपिट में पहुंचा।
ट्रंप के मुताबिक, वह यात्री पेशे से प्लंबर था और उसने कभी विमान नहीं उड़ाया था। यात्री ने को-पायलट को सीट से खींचकर पीछे किया। इसके बाद दूसरे यात्रियों ने मिलकर उसे काबू कर लिया।
ट्रंप ने बताया कि इस यात्री ने टीवी शो ‘Air Disasters’ देखकर विमान से जुड़ी कुछ बातें सीखी थीं। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नेतन्याहू और कुछ अन्य सूत्रों से मिली है और वह इन बातों की खुद पुष्टि नहीं कर सकते।
“The pilot was in very bad shape; I guess he still is in very bad shape, but he had the sense to, amazing, to, in a way he was a hero”: Donald Trump praises Indian pilot Smit Machchhar
Courtesy: White House pic.twitter.com/fqjJOAsu5r
— WION (@WIONews) October 1, 2026
चाकूबाजी से पहले दोनों पायलटों में हाथापाई हुई थी
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। इनमें ज्यादातर इजराइली यात्री थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले से पहले दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी। इसके बाद को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया।
इस दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से अचानक 17 हजार फीट नीचे आ गया। एक यात्री और क्रू मेंबर किसी तरह कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हुए। इसके बाद दूसरे क्रू मेंबर भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान की सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि यात्री और क्रू मेंबर फ्लाईदुबई के कॉकपिट में कैसे पहुंचे, क्योंकि कॉकपिट के दरवाजे जबरन खोलने की कोशिशों को रोकने के लिए मजबूत बनाए जाते हैं। आमतौर पर उड़ान के दौरान सुरक्षा कारणों से कॉकपिट का दरवाजा लॉक रहता है। 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद यह विमान सुरक्षा का नियम बना था।
दोनों पायलट घायल, कैप्टन स्मित की हालत स्थिर
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पायलट घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन स्मित की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में विमान तेजी से हिलता हुआ दिखाई दिया। वहीं, दूसरे वीडियो में हमलावर पर काबू पाने के बाद विमान में बैठे यात्री तालियां बजाकर खुशी मनाते नजर आए।
इजरायली अधिकारियों ने बताया कि स्मित पर हमला करने वाला को-पायलट ओमान का नागरिक था। इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पायलट की हिम्मत ने बड़ी घटना को टाल दिया। उनके मुताबिक, अगर स्थिति पर काबू नहीं पाया जाता तो 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 हमलों जैसी घटना हो सकती थी।
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इजरायली डेंटिस्ट ने कैप्टन स्मित की मदद की
विमान में सवार यात्रियों को कुछ देर के लिए लगा कि वे जिंदा नहीं बच पाएंगे। एक यात्री ने AFP को बताया, “सभी को लगा कि अब हम मरने वाले हैं।”
विमान में मौजूद कुछ लोगों ने भी सूझबूझ दिखाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। विमान में सिविल ड्रेस में दो रिलीफ पायलट मौजूद थे, जिन्होंने बाद में विमान को संभालने में मदद की। वहीं, यात्रियों ने हमलावर को कॉकपिट से दूर करने में मदद की।
कैप्टन स्मित की मदद विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट ने भी की। उन्होंने घायल पायलट का विमान में ही इलाज किया और उनकी जान बचाने में मदद की।
स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा काम कर चुके हैं कैप्टन स्मित
फ्लाईदुबई से पहले कैप्टन स्मित मछार ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6,400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था।
जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है।
इसके अलावा, वह पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और काम के दौरान उन्हें गाइड करने का काम भी करते थे।

पॉडकास्ट में बताया- पढ़ाई के दौरान आया था पायलट बनने का ख्याल
पिछले साल अक्टूबर में कैप्टन स्मित ने CS जलक मेहता नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट किया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फैमिली बिजनेस संभालने के लिए मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी।
उन्होंने कहा था कि इसी दौरान वह एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में गए, जहां पहली बार उनके मन में पायलट बनने का विचार आया।
उन्होंने आगे बताया था, “मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी।”





