Rajasthan Traffic Police: राजस्थान के नागौर जिले से ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बैटरी से चलने वाली एक इलेक्ट्रिक कार का प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) न होने के नाम पर चालान काट दिया गया। जबकि इलेक्ट्रिक वाहन से धुआं नहीं निकलता और उसे सामान्यतः PUC की आवश्यकता नहीं होती, फिर भी राजस्थान ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगा दिया।
बैटरी से चलने वाली कार पर प्रदूषण फाइन
मामला 6 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब जोधपुर निवासी पुनाराम की इलेक्ट्रिक कार नागौर के RTO रोड पर रोकी गई। उस समय वाहन उनके बड़े भाई अशोक पंवार चला रहे थे। आरोप है कि मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने वाहन का प्रदूषण चालान काट दिया, जबकि चालक बार-बार बताता रहा कि यह बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कार है।
‘मशीन में PUC NIL दिख रहा है’ कहकर काटा चालान
चालक के मुताबिक, जब उन्होंने पुलिसकर्मी से पूछा कि इलेक्ट्रिक कार का पॉल्यूशन चालान कैसे काटा जा सकता है, तो जवाब मिला कि मशीन में PUC सर्टिफिकेट ‘NIL’ दिख रहा है, इसलिए चालान किया गया। इस जवाब के बाद मौके पर बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने चालान वापस लेने से इनकार कर दिया।
₹1500 का पॉल्यूशन चालान, कुल ₹1700 जुर्माना
पुलिस ने इलेक्ट्रिक कार पर ₹1500 का प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने का चालान काटा। इसके अलावा ₹200 का टिंटेड ग्लास का चालान भी लगाया गया। इस तरह कुल ₹1700 का जुर्माना वसूला गया।
ट्रैफिक पुलिस की जानकारी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद राजस्थान ट्रैफिक पुलिस की तकनीकी समझ और नियमों की जानकारी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब अधिकारी इलेक्ट्रिक वाहन और पारंपरिक ईंधन वाहन के नियमों में अंतर नहीं समझ पा रहे, तो यह गंभीर लापरवाही है।
वीडियो वायरल, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
वाहन चालक ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
https://x.com/i/status/2041877955002167672
फिलहाल इस मामले पर राजस्थान ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखने वाली बात होगी कि विभाग इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है।







