PM Modi New Zealand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए करीब 25-30 साल पुरानी अपनी यात्रा का भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे, तब पहली बार न्यूजीलैंड आए थे। उस दौरान उन्हें उपहार में एक मफलर, एक कैप और दस्तानों का सेट मिला था। पीएम ने कहा कि वह वही मफलर आज भी संभालकर रखते हैं और इस बार भी उसे पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं।
#WATCH | New Zealand: At the community event in Auckland, PM Narendra Modi says, “This might be my first visit as the Prime Minister but 25-30 years ago, when I was not a part of any Government and nobody knew me in publuc life, I received an opportunity to come to New Zealand.… pic.twitter.com/c2w62NiUZB
— ANI (@ANI) July 11, 2026
मोदी ने कहा कि भारत के लिए किसी देश की जनसंख्या नहीं, बल्कि उसके जनकल्याण की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने न्यूजीलैंड की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने इस देश से बहुत कुछ सीखा है और आगे भी सीखता रहेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि न्यूजीलैंड दुनिया का पहला देश था जिसने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया।
PM की स्पीच की बड़ी बातें
- ‘कोलेब’ का दौर है: मोदी ने कहा कि अगर कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में कहें तो यह “कोलेब” का जमाना है। भारत और न्यूजीलैंड खेल, विशेषकर रग्बी के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं। भारत को न्यूजीलैंड से कोच और विशेषज्ञों की जरूरत है।
- स्पेस सेक्टर में साझेदारी: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के समय न्यूजीलैंड में भी खुशी का माहौल था। दोनों देशों की स्पेस कंपनियां पहले भी साथ काम कर चुकी हैं।
- प्रवासी भारतीयों की भूमिका: मोदी ने कहा कि हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद प्रवासी भारतीयों के दिल में हमेशा हिंदुस्तान बसता है। शरीर न्यूजीलैंड में हो सकता है, लेकिन मन भारत में रहता है और वे देश की हर उपलब्धि पर गर्व करते हैं।
- जनसंख्या नहीं, जनकल्याण अहम: उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के हर देश के साथ रिश्तों में जनसंख्या नहीं, बल्कि जनकल्याण की भावना को महत्व देता है।
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भारत की विकास यात्रा का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है। सोलर एनर्जी, डिजिटल पेमेंट, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस इकोनॉमी में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूपीआई के जरिए हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं और भारत दुनिया को विकास का नया मॉडल दे रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक विकास के साथ-साथ अपनी विरासत और संस्कृति पर भी समान रूप से ध्यान देता है। सिख गुरुओं की सेवा, साहस और करुणा की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर के गुरुद्वारे मानव सेवा के केंद्र बने हुए हैं।
भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिली नई गति
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच 18 महत्वपूर्ण फैसलों और 10 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। साथ ही वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग ₹35 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी भारत के लिए रवाना हो गए।
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