Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को अपने गठन के छह साल बाद पहली बार चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया। ट्रस्ट के अनुसार, आवेदन करने वाले उम्मीदवार का हिंदू होना अनिवार्य है और उसकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक (Graduation) निर्धारित की गई है। चयनित CEO ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) को रिपोर्ट करेंगे। इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है
आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible… pic.twitter.com/PHa0MbT5kY
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 13, 2026
इसी बीच, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि SIT की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में SIT के गठन, उसकी संरचना और जांच अधिकारियों की पूरी जानकारी भी शामिल होनी चाहिए।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में मामले की जांच CBI से कराने, मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित करने जैसी मांगें की गई हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी।
उधर, अयोध्या पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष अदालत में पेश किया। स्पेशल कोर्ट की जज प्रतिभा नारायण ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाकर 27 जुलाई तक कर दी।
इससे पहले पुलिस ने आरोपी अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। फिलहाल सभी आरोपियों को फैजाबाद जेल की अलग-अलग बैरकों में रखा गया है, जहां उनसे जुड़ी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान होगा: महंत दिनेंद्र दास
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देशों से मंदिर की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी तथा यदि कहीं कोई कमी या गलती रह गई है, तो उसे भी सुधारा जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा।
#WATCH | Ayodhya, UP | On SC to hear pleas seeking CBI probe into the alleged Ram Mandir donations embezzlement case, Mahant Dinendra Das Maharaj, a member of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, says, “The work for Ram Lalla is proceeding very well. Whatever verdict… pic.twitter.com/laQVF4PcLT
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 13, 2026
राम मंदिर मामले पर परमहंस आचार्य का बयान, बोले- दोषियों को बचाया न जाए
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले पर तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि यदि किसी ने राम मंदिर में महापाप किया है, तो उसे किसी भी कीमत पर बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी राजनीतिक दबाव में नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ‘इंडी गठबंधन’ और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों का राम मंदिर आंदोलन या रामभक्तों से कोई जुड़ाव नहीं रहा, उन्हें इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
Ayodhya, Uttar Pradesh: On the Ram Mandir donation row, Tapaswi Chhawni Jagadguru Paramhansa Acharya says, “The Ram Mandir is a centre of faith, and people from across the world have deep reverence for it. If anyone has committed a grave wrongdoing in connection with the Ram… pic.twitter.com/7U7KP1ui92
— IANS (@ians_india) July 13, 2026
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प्रियंका बोलीं- RSS और VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में हुई घटना
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि RSS लगातार धर्म और राम मंदिर को लेकर अपनी उपलब्धियों का प्रचार करता रहा है, लेकिन यह बेहद शर्मनाक है कि RSS और VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में इतनी बड़ी घटना सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला राजनीतिक प्रभाव से प्रेरित नहीं होता, तो मामले की जांच CBI को सौंपी जाती। हालांकि, मामले की जांच फिलहाल राज्य सरकार द्वारा गठित SIT कर रही है और सुप्रीम कोर्ट ने उससे विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
#WATCH दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी पर RSS ने बयान जारी किया | शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “RSS धर्म और राम मंदिर को लेकर लगातार अपनी तारीफ़ कर रहा था। यह शर्मनाक है कि RSS और VHP से जुड़े ट्रस्टियों की देखरेख में इतनी बड़ी घटना हुई…… pic.twitter.com/R5SwqKxqs2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 13, 2026
सपा नेता बोले- सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई बेहद अहम
अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर हुआ था और मंदिर ट्रस्ट की समिति का गठन भी अदालत के निर्देशों के अनुरूप किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे में इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके निर्देश बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक, अदालत जो भी फैसला देगी, उसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: On the Ram Mandir donation embezzlement case, Samajwadi Party leader Fakhrul Hasan Chaand says, “Ram Mandir was constructed on the instructions of the Supreme Court. The members of the committee were also decided based on the Supreme Court’s… pic.twitter.com/oLQe3qKEjA
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 13, 2026
केजरीवाल के बयान पर महंत आचार्य सीताराम दास का पलटवार
अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद साकेत भवन के महंत आचार्य सीताराम दास महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “केजरीवाल न तो कोई न्यायिक व्यक्ति हैं और न ही संवैधानिक पद पर हैं। वे संविधान को मानने वाले भी नहीं हैं। उनकी मानसिकता ओछी है और वे समय-समय पर बरसाती मेंढक तथा कालनेमि की तरह अलग-अलग रूप धारण करते हैं। उन्हें न सनातन में आस्था है, न सनातन धर्म से प्रेम और न ही राम जन्मभूमि या रामलला के प्रति श्रद्धा है।”
अयोध्या, उत्तर प्रदेश: साकेत भवन के महंत आचार्य सीताराम दास महाराज ने अयोध्या राम मंदिर मामले पर अरविंद केजरीवाल के बयान पर कहा, “केजरीवाल कोई न्यायिक या संवैधानिक आदमी तो हैं नहीं, ना ही वो संविधान को मानने वाले लोग हैं… ये ऐसे लोग हैं जिनकी ओछी मानसिकता है। समय-समय पर ये… pic.twitter.com/wPFSNZpJmJ
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 13, 2026
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोमवार को बहराइच में उन्होंने कहा, “राम मंदिर में बहुत बड़ा पाप हुआ है। दुख की बात यह है कि आज भी वे लोग वहीं बैठे हुए हैं। चोर-पुलिस का खेल चल रहा है, यह बिल्कुल ठीक नहीं है। दोषियों के खिलाफ कड़ी और कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
#WATCH बहराईच(उत्तर प्रदेश): राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “बहुत बड़ा पाप इनके द्वारा किया गया है। दुख की बात ये है कि आज भी वो लोग वहां बैठे हुए हैं। चोर पुलिस का खेल चल रहा है… ये ठीक नहीं है। कड़क दंड की कार्रवाई होनी… pic.twitter.com/NCpQbMYcHT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 13, 2026
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