Trump Hormuz Toll U-Turn: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टोल (शुल्क) लगाने के अपने फैसले को महज 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया है। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मध्य पूर्व के नेताओं के साथ बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला बदला है। उन्होंने कहा कि अब टोल लगाने के बजाय खाड़ी देशों के साथ बड़े निवेश समझौते किए जाएंगे, जिससे अमेरिका में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी।
इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने घोषणा की थी कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। इस ऐलान के बाद कई देशों ने इसकी आलोचना की थी। ईरान ने भी इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा था कि यदि शुल्क वसूलना ही है तो 20% बहुत ज्यादा है, हम इससे कम शुल्क लेंगे।
NEW: President Trump says he will replace the 20% “Reimbursement Fee” in the Strait of Hormuz with trade and investment deals that “various Gulf States” will be making into the U.S., after “highly productive” conversations with Middle East leadership.
“The Strait of Hormuz is… pic.twitter.com/qSVNHgIV64
— Fox News (@FoxNews) July 14, 2026
ईरान ने ट्रंप के फैसले का उड़ाया मजाक
ट्रंप के यू-टर्न के बाद ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर अमेरिका पर निशाना साधा। ईरान की ओर से कहा गया कि ट्रंप का फैसला यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने अमेरिका को पीछे हटना पड़ा। ईरानी मीडिया ने इसे अमेरिकी नीति की कमजोरी बताते हुए कहा कि होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग पर दबाव की राजनीति ज्यादा देर तक नहीं चल सकती।
होर्मुज स्ट्रेट में लगातार घट रही जहाजों की आवाजाही
इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात भी प्रभावित हुआ है। मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को पूरे दिन में केवल चार जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजरे, जिनमें एक तेल टैंकर और तीन कंटेनर जहाज शामिल थे। अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक माना जा रहा है। बताया गया कि इन जहाजों ने वापसी के दौरान अपनी अंतिम मंजिल और मालिकाना जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
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ईरान का दावा- 200 जहाजों ने मांगी थी अनुमति
ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने दावा किया है कि पिछले कुछ सप्ताह में 200 से अधिक विदेशी जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए उसकी अनुमति मांगी थी। संस्था के अनुसार अधिकांश जहाजों को आवागमन की मंजूरी और बीमा कवरेज भी दिया गया। हालांकि, ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितने जहाजों को अंतिम मंजूरी मिली।
PGSA:
Before US interference in the region, which led to the closure of the Strait of Hormuz, more than 200 non-Iranian vessels passed through the strait after informing PGSA and received insurance and passage permits within three weeks of signing the Islamabad MoU. pic.twitter.com/nl5SOBWzZR— Press TV 🔻 (@PressTV) July 14, 2026
ईरान ने इसी वर्ष PGSA का गठन किया है। उसका कहना है कि इसका उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की निगरानी करना और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपने अधिकार के दावे को मजबूत करना है। दूसरी ओर अमेरिका पहले ही जहाज संचालकों को PGSA के साथ सहयोग न करने की चेतावनी दे चुका है।
हूती विद्रोहियों का बड़ा दावा
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब का एक ‘विंग लूंग-2’ निगरानी ड्रोन मार गिराया है। हूती संगठन के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि मंगलवार तड़के अल-बैदा प्रांत के ऊपर उड़ रहे इस ड्रोन को उनके लड़ाकों ने निशाना बनाया। उनके मुताबिक यह ड्रोन सैन्य निगरानी मिशन पर था। हालांकि सऊदी अरब ने इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
JUST IN: 🇾🇪🇸🇦 Ansar Allah (the Houthis) in Yemen announced the downing of a Saudi Wing Loong II reconnaissance drone while flying over Al Bayda Governorate in central Yemen early today, stating it was brought down using what they described as an “appropriate weapon.” pic.twitter.com/VhHC7wQJem
— GBC (@GBC_Press) July 14, 2026
ईरानी संसद में अमेरिका विरोधी नारे
ईरान की संसद में मंगलवार को अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सांसदों ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘बदला लेंगे’ और ‘हम तैयार हैं’ जैसे नारे लगाए। यह नारे उस समय लगे जब संसद के उपसभापति हामिदरेजा हाजी-बबई ने सांसदों से सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति निष्ठा दोहराने का आह्वान किया।

नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने दोबारा इजराइल पर हमला किया तो उसे पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब इजराइल पर हमला होता था और उसका सीमित जवाब दिया जाता था।
המסר שלי למנהיגי איראן:
אל תבנו על כך שיהיה שקט אם תתקפו אותנו. אל תבנו על שידור חוזר, זה יהיה שידור אחר – עוצמתי הרבה יותר. pic.twitter.com/lTqHczGSjG
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) July 14, 2026
युद्ध भले थमे, लेकिन तेल संकट अभी खत्म नहीं
पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस इंटरनेशनल ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के बावजूद दुनिया पर ऊर्जा संकट का खतरा बना रहेगा। संगठन का कहना है कि जब तक दुनिया तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भर रहेगी, तब तक किसी भी क्षेत्रीय युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों, महंगाई और परिवहन लागत पर पड़ता रहेगा।
ग्रीनपीस ने इस स्थिति को ‘फॉसिलफ्लेशन’ नाम दिया है। संगठन के मुताबिक इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को तेजी से अपनाना है, ताकि विदेशी तेल और गैस पर निर्भरता कम हो सके और वैश्विक संकटों का असर सीमित किया जा सके।
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