America Iran Airstrike: अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एक और बड़े पैमाने की एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में मिसाइल लॉन्च साइट, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर, तटीय निगरानी ठिकानों और सिस्तान-बलूचिस्तान स्थित 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया।
अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली से तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की जानकारी दी।
इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता है तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मध्य-पूर्व से तेल और गैस के निर्यात को भी रोका जा सकता है।
U.S. Central Command (CENTCOM) said it concluded an evening wave of military strikes against targets in Iran at approximately 9:00 p.m. ET on July 15.
According to CENTCOM, the strikes targeted command centers, air defense sites, missile and drone capabilities, and coastal… pic.twitter.com/RH8BcE3KEd
— AZ Intel (@AZ_Intel_) July 16, 2026
ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल-ड्रोन हमला
IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ‘नस्र-2’ अभियान के आठवें चरण में C-RAM अर्ली वार्निंग रडार और अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका कुवैत की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए कर रहा है।
कुवैत बोला- एयर डिफेंस ने ड्रोन हमलों को नाकाम किया
वहीं, कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने दुश्मन ड्रोन हमलों का सफलतापूर्वक जवाब दिया। सेना के अनुसार, लोगों को सुनाई देने वाले विस्फोट एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा दुश्मन के हवाई लक्ष्यों को मार गिराने के कारण हुए। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा और एहतियाती निर्देशों का पालन करें।
تتصدى حالياً الدفاعات الجوية الكويتية لهجمات طائرات مسيّرة معادية، إثر العدوان الإيراني الاثم.
تنوه رئاسة الأركان العامة للجيش بأن أصوات الانفجارات، إن سُمعت، فهي نتيجة اعتراض منظومات الدفاع الجوي للهجمات المعادية.
ويرجى من الجميع التقيد بتعليمات الأمن والسلامة الصادرة عن… pic.twitter.com/1B4X5mwRle
— KUWAIT ARMY – الجيش الكويتي (@KuwaitArmyGHQ) July 15, 2026
ईरान का दावा- जॉर्डन के अल-अजराक बेस पर भी हमला
ईरानी सेना ने दावा किया कि ऑपरेशन ‘साएकेह’ (थंडरबोल्ट) के नौवें चरण के तहत जॉर्डन स्थित अमेरिकी अल-अजराक सैन्य अड्डे पर कामिकाज़े ड्रोन से हमला किया गया। ईरान के अनुसार, इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना के संचार ढांचे और ईंधन भंडार को निशाना बनाया गया। सेना ने कहा कि यह हमला हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया।
As part of the ninth wave of Operation Sa’eqeh (thunderbolt), the Iranian Army struck the communication infrastructure and fuel reserves of US forces at the Al-Azraq base in Jordan on Thursday, using kamikaze drones, retaliating for recent enemy hostilities. pic.twitter.com/AwiGftUmEW
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) July 16, 2026
ये भी पढ़ेंः
अमेरिका का चौथे दिन भी ईरान पर हमला, ट्रंप की चेतावनी- समझौता नहीं किया तो कुछ नहीं बचेगा
ट्रंप बोले- ईरान ने अमेरिकी नागरिक को रिहा किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में बंद एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कदम को “सद्भावना का संकेत” बताया, हालांकि रिहा किए गए व्यक्ति की पहचान और रिहाई की शर्तों का खुलासा नहीं किया।
CENTCOM ने नए हमलों की पुष्टि की
CENTCOM ने बताया कि ताजा एयरस्ट्राइक में बंदर अब्बास सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया गया। इससे पहले ग्रेटर तुंब द्वीप पर 90 मिनट तक चले सैन्य अभियान में तटीय रक्षा प्रणाली और क्रूज मिसाइल ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
At 3 p.m. ET, U.S. forces launched operations for a second wave of strikes today against Iran. The strikes are targeting Iranian military capabilities used to threaten vessels freely transiting through the Strait of Hormuz, an international waterway vital to global commerce. The…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 15, 2026
ट्रंप के सामने सैन्य विकल्प
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें एयरस्ट्राइक का दायरा बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी द्वीपों पर अमेरिकी सैनिक उतारना और पिकऐक्स माउंटेन परमाणु स्थल पर संभावित हमला शामिल है। हालांकि अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है और कूटनीतिक समाधान का विकल्प भी खुला रखा गया है।
ये भी पढ़ेंः






