US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स सहित कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
U.S. military:
“U.S. Central Command (CENTCOM) successfully completed the ninth consecutive evening of strikes against Iran, July 19, at 10 p.m. ET.
CENTCOM assets targeted Iranian military command centers, air defense and coastal surveillance sites, maritime capabilities,… pic.twitter.com/lgqsLHmZEC
— Open Source Intel (@Osint613) July 20, 2026
वहीं, ईरान ने भी जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को अमेरिका ने लगातार नौवीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। CENTCOM के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की उसकी क्षमता को कमजोर करना है।
CENTCOM began conducting a new wave of strikes against Iran at 7 p.m. ET today for the ninth consecutive night. The strikes will continue degrading Iranian military capabilities used to attack commercial vessels and civilian mariners transiting the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 19, 2026
हमलों के बाद उत्तर-पश्चिमी ईरान के तबरीज मिसाइल फील्ड में आग लगने की खबर सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद मिसाइल परिसर में भीषण आग भड़क उठी। यह ठिकाना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स संचालित करती है।
इसी बीच CENTCOM ने बताया कि उत्तरी इराक में बिना फटे ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक घायल हो गया। इसके साथ ही इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
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दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अकाबा एयरपोर्ट पर मौजूद अमेरिकी C-17 ट्रांसपोर्ट विमान और P-8 सैन्य विमान पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिससे कई विमान क्षतिग्रस्त हुए। IRGC ने यह भी दावा किया कि जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती (अल-अजराक) एयरबेस पर अमेरिकी सेना के 20 हैंगर नष्ट कर दिए गए। हालांकि अमेरिका और जॉर्डन ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप बोले- ईरान की परमाणु मिसाइल बनाने की हर संभावना खत्म कर रहे हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध में हाल ही में मारे गए “महान देशभक्तों” के सम्मान में अमेरिका ने ईरान पर और हवाई हमले किए हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता को “बहुत, बहुत भारी नुकसान” पहुंचा है और अब वह पहले जैसी चुनौती नहीं रहा। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है, उनका किसी चीज़ पर नियंत्रण नहीं है।”
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका की मौजूदा सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की परमाणु मिसाइल और परमाणु हथियार विकसित करने की हर संभावना को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ सप्ताह की कार्रवाई ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता और अमेरिका पूरे घटनाक्रम पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है।
JUST IN: President Trump says the U.S. carried out more strikes against Iran “in honor” of the “great patriots” who were recently killed in the war with Iran.
Trump says Iran has been “very, very badly damaged” militarily and argues the country no longer poses the same threat,… pic.twitter.com/sWCShPDCnQ
— Fox News (@FoxNews) July 20, 2026
उधर, बहरीन में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने कहा कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिसके अनुसार ईरान मनामा के कुछ इलाकों को निशाना बना सकता है। अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित शेल्टर में जाने की सलाह दी गई है।
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