Dharmendra Pradhan Resignation: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में लगातार विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे अपने आंदोलन की जीत बताया। पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा, “वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
इस्तीफे के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके?
जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी पहली जीत है, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगें अभी भी बाकी हैं। पहली, NEET पेपर लीक विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। दूसरी, प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
दीपके ने कहा, “कॉकरोच एक बार घुसता है तो निकलता नहीं। हमने एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया, अब छात्रों पर दर्ज सभी केस भी वापस होने चाहिए।”
This is democracy. He has resigned. We have two more demands. We won’t go like this.
Dharmendra Pradhan has resigned. But the families of the children who committed suicide should receive compensation of one crore rupees. They should get it.
One crore rupees compensation to all… pic.twitter.com/CyhfGDUola— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
CJP ने कहा- ‘कॉकरोच की जीत हुई’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने आधिकारिक तौर पर इसे “कॉकरोच की जीत” बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि लंबे समय तक शांतिपूर्ण आंदोलन और छात्रों के समर्थन की वजह से सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा।
Cockroaches won.. Democracy won!
Jai Hind! 🇮🇳✊🏼
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
सोनम वांगचुक ने X पर लिखा
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “यह लोकतंत्र की जीत है। यह सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र (डायरेक्ट डेमोक्रेसी) की जीत है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जीत है। मैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), देश की जेनरेशन Z और उन सभी नागरिकों को बधाई देता हूं, जिन्होंने डर और डर के भय को छोड़कर देश के हर कोने से आवाज़ उठाई। अब जवाबदेही (Accountability) तय होने के बाद अगला कदम व्यापक सुधार (Reforms) की दिशा में बढ़ना है।”
IT’S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy… straight from the streets.
It’s a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 25, 2026
प्रधान ने दो पन्नों की चिट्ठी में युवाओं का किया जिक्र
इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने करीब 575 शब्दों की दो पन्नों की चिट्ठी जारी की। इसमें उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करने के साथ दो जगह यह भी लिखा कि कुछ लोगों ने युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
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भागवत के बयान के चार घंटे बाद आया इस्तीफा
प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया जब शनिवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था कि “मनमानी करके शक्ति के बल पर सबके मालिक नहीं बना जा सकता।” उन्होंने नई पीढ़ी से संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को आदेश देने के बजाय उन्हें तर्क के साथ समझाना चाहिए। उनके इस बयान के लगभग चार घंटे बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।
VIDEO | At ‘Vishwa Mangalya Sabha’ event in Delhi, RSS chief Mohan Bhagwat says, “New generation asks lots of questions, we have to explain reasoning, communicate with them, encourage discussion not dictation.”
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/dy6qYxoNs3
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
एक दिन पहले NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त
इस्तीफे से एक दिन पहले शुक्रवार रात सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। सरकार ने इनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की भी बात कही है। साथ ही परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव और तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने की घोषणा की गई। NTA में चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति भी की जाएगी।
29 साल पहले पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर चुके हैं प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान स्वयं भी छात्र जीवन में पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन का हिस्सा रह चुके हैं। उनके सहयोगी प्रशांत राउत के अनुसार, वर्ष 1997 में ओडिशा में हुए एक पेपर लीक के विरोध में करीब 1,500 छात्रों के साथ उन्होंने प्रदर्शन किया था। उस दौरान पुलिस लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और उनके शरीर में कई जगह फ्रैक्चर भी हुआ था।
NEET पेपर लीक मामले की जांच जारी
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई थी। इस विवाद के दौरान देशभर में कई छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं भी सामने आईं। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में जांच के दौरान अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
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