UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार सुबह गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और संभल समेत प्रदेश के 15 शहरों में रुक-रुककर बारिश हुई। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। श्रावस्ती में भारी बारिश के कारण करीब 400 मीटर लंबा बाइपास पानी में डूब गया, जबकि बिजनौर में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। यहां सरकारी अस्पताल में भी करीब 3 से 4 फीट तक पानी भर गया।
26 जिले बाढ़ की चपेट में, 3.53 लाख लोग प्रभावित
प्रदेश में 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव अभियान के तहत अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,847 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों में अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।
प्रयागराज में सड़क किनारे अंतिम संस्कार
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर अब धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन प्रमुख घाट अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। दारागंज घाट स्थित शवदाह गृह में पानी भरने के कारण अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है। ऐसे में लोग मजबूरी में सड़क किनारे ऊंची जगहों पर चिताएं जलाने को मजबूर हैं।
वाराणसी-कानपुर में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
वाराणसी और कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों को छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।
CM योगी ने वाराणसी में किया हवाई सर्वे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने वरुणा नदी के बढ़े जलस्तर और आसपास के प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
Varanasi, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath conducts an aerial survey of flood-affected areas along the Varuna River.
(Source: CMO) pic.twitter.com/L7g7xIIYL6
— IANS (@ians_india) September 5, 2026
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बिजनौर में तीन दिन से बारिश, सड़कें बनीं तालाब
बिजनौर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। बारिश के कारण कई सड़कों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया है। गंगा और मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।
शनिवार को किरतपुर में नाले में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई। वहीं रविवार को चांदपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो पशुओं की मौत हुई।
श्रावस्ती में 400 मीटर बाइपास डूबा
श्रावस्ती में लगातार बारिश के चलते बाइपास का करीब 400 मीटर हिस्सा पानी में डूब गया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से जलभराव वाले इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
रिहंद बांध का जलस्तर 871.8 फीट पर स्थिर
सोनभद्र में पिपरी स्थित रिहंद बांध का जलस्तर रविवार सुबह 871.8 फीट पर स्थिर रहा। कैचमेंट एरिया में बारिश कम होने से बांध में पानी की आवक भी घट गई है। फिलहाल एक फाटक से पानी की निकासी की जा रही है।
बांध की छह टरबाइन लगातार चल रही हैं। एक फाटक और टरबाइनों के जरिए करीब 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है और पानी की आवक कम रहने पर रविवार शाम तक फाटक बंद किया जा सकता है।
अगले 48 घंटे अहम, 8 सितंबर के बाद कमजोर होगा सिस्टम
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना बारिश का सिस्टम मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश जारी रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे में मौसम का रुख बदल सकता है और पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। 8 सितंबर के बाद मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने की संभावना है, जिसके बाद प्रदेश में बारिश का दौर काफी हद तक थम सकता है।
फिलहाल प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है और प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।






