Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हॉस्टल हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए बने हॉस्टलों की स्थिति बेहद खराब है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
हाईकोर्ट ने मामले में MCD, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट ने PG-हॉस्टल ऑडिट के दिए निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने PG और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने MCD को एक हफ्ते के भीतर PG और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ बिल्डिंग मालिकों की नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भी है। अगर अधिकारियों ने अपनी कानूनी जिम्मेदारियां सही तरीके से निभाई होतीं, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
कोर्ट ने MCD से पूछा है कि क्या PG आवासों के लिए कोई नियामक ढांचा मौजूद है। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय को बाहर से आने वाले छात्रों और उपलब्ध हॉस्टल सुविधाओं का पूरा विवरण देने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने बिल्डिंग की वैध अनुमतियों और संबंधित अधिकारियों की संभावित लापरवाही का विवरण भी मांगा है। कोर्ट ने कहा कि DU में हॉस्टल सुविधाओं की कमी के कारण बाहर से आने वाले कई छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने PG और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई है; MCD को एक हफ़्ते के अंदर PG और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ बिल्डिंग मालिकों की ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की… pic.twitter.com/YtAXKLb9EB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
याचिकाकर्ता के वकील ने बताई हाईकोर्ट की कार्रवाई
दिल्ली हाईकोर्ट में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता उमेश कुमार ने बताया कि याचिका में दिल्ली सरकार को प्रतिवादी नंबर-1, MCD को नंबर-2, केंद्र सरकार को नंबर-3 बनाया गया है। इसके अलावा NHRC और दिल्ली विश्वविद्यालय को भी पक्षकार बनाया गया है। सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 10 दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करना होगा।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए हॉस्टलों की कमी पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि PG की स्थिति बेहद असुरक्षित है और राज्य सरकार व विश्वविद्यालयों को अधिक संख्या में हॉस्टल बनाने चाहिए।
VIDEO | On Delhi HC hearing on Satya Niketan building collapse, advocate Umesh Kumar says, “In the petition, we made Delhi government as a respondent, the respondent number two was MCD, third one was Union of India, then NHRC and University of Delhi, everyone was given notices,… pic.twitter.com/uovpaKPrH3
— Press Trust of India (@PTI_News) September 7, 2026
हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुए हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जिनमें 5 की हालत गंभीर है। करीब 27 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार शाम 4:30 बजे अभियान पूरा हुआ।
मृतकों की पहचान अभिषेक कुमार (19), अर्पित जाज (35), युवराज सोनी (19), पवन कुमार (17), सुरेंद्र सिंह (56), अक्षत सिंह (19) और परम लाल कोरी (30) के रूप में हुई है।
बिल्डिंग मालिक समेत तीन गिरफ्तार
हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया था। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।
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MCD के 5 अधिकारी निलंबित
दिल्ली सरकार ने हादसे के बाद MCD के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
पांचवीं मंजिल वाले भवन होंगे सील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के बाद सख्त और व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के आदेश दिए गए हैं। आसपास के PG और अन्य इमारतों की भी जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई होगी।
सरकार PG, स्कूल, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों वाली इमारतों के लिए समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन अनिवार्य करने की नीति भी लाएगी।
Chief Minister Smt. Rekha Gupta has ordered strict and comprehensive action following the Satya Niketan incident. She is continuously monitoring the rescue, relief and safety measures.
Building owner has been arrested and legal proceedings are underway.
Five MCD officials,…
— CMO Delhi (@CMODelhi) September 7, 2026
आशीष सूद बोले- कोचिंग और PG की होगी सुरक्षा जांच
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कोचिंग संस्थानों और PG वाले इलाकों में इमारतों की सुरक्षा की सभी विभाग मिलकर जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि यह काम कम से कम समय में पूरा किया जाएगा। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
#WATCH दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, “…ऐसी कोई भी घटना दोबारा न हो, उसके लिए सभी इलाके जहां पर कोचिंग संस्थान हैं या फिर PG चलते हैं, उनमें इमारतों की सुरक्षा की सभी विभाग मिलकर जांच करेंगे। यह काम बहुत ही कम समय में पूरा किया जाएगा। इस दुखद घटना में जिनकी मौत हुई है, हम… pic.twitter.com/QKNwinmdF3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 7, 2026
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 7, 2026
उन्होंने सत्य निकेतन हादसे को अन्य घटनाओं से जोड़ते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की और सवाल उठाया कि दिल्ली में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार होने के बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने में सरकार क्यों विफल रही।






