BRICS Summit 2026: रूस और चीन समेत BRICS देशों ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। साझा बयान में हमले में 26 लोगों की मौत का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया। BRICS देशों ने कहा कि आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
BRICS ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया और दोहरे मानदंडों को खारिज किया। संगठन ने आतंकवाद के सभी रूपों, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है, के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन किया।
🚨 DELHI DECLARATION
BRICS calls for zero tolerance on terrorism, rejects double standards, and backs action against terrorists in all forms, including cross-border terrorism – a clear message to Pakistan
BRICS condemns last year’s Pahalgam terror attack.
BRICS calls for… pic.twitter.com/Ds6ZsqtLb1
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) September 12, 2026
आतंकवाद के हर रूप की निंदा
BRICS देशों ने आतंकवाद के हर रूप और हर वजह की निंदा की। साझा बयान में कहा गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
टेरर फंडिंग रोकने पर जोर
सदस्य देशों ने आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने पर भी जोर दिया। आतंकवाद को आर्थिक मदद देने वालों और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई।
आतंकियों और संगठनों की जवाबदेही तय करने पर जोर
BRICS देशों ने आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की जरूरत बताई। साथ ही आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी संधि जल्द अपनाने की मांग
साझा बयान में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी संधि को जल्द अपनाने की मांग भी की गई। देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया।
BRICS के मूल सिद्धांतों पर भी जोर
BRICS देशों ने आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, एकजुटता और सहमति के आधार पर फैसले लेने जैसे संगठन के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने की बात कही।
एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों पर चिंता
साझा बयान में एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों को लेकर भी चिंता जताई गई। BRICS देशों ने कहा कि ऐसे कदम विश्व व्यापार संगठन यानी WTO के नियमों के अनुरूप होने चाहिए।
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे पर चिंता
बयान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे और बढ़ते वैश्विक तनाव को लेकर चिंता जताई गई। देशों ने वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
पश्चिम एशिया के तनाव के बीच बनी सहमति
BRICS देशों के संयुक्त बयान पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। ईरान, सऊदी अरब और UAE समेत सदस्य देशों के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
भारत ने आम सहमति बनाने में निभाई अहम भूमिका
भारत ने लगातार बातचीत के जरिए सदस्य देशों के बीच मतभेदों को दूर करने और साझा मुद्दों पर आम सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही BRICS देशों ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS प्लस और आउटरीच संवाद की भी सराहना की।






