Modi Jinping Meeting: BRICS शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने करीब 50 मिनट तक बातचीत की। बैठक में भारत-चीन संबंधों को स्थिर और मजबूत बनाने और आपसी मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने पर जोर दिया गया।
#WATCH | Delhi: PM Narendra Modi holds a bilateral meeting with Chinese President Xi Jinping on the sidelines of BRICS Summit 2026.
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— ANI (@ANI) September 12, 2026
मोदी बोले- सम्मान, संवेदनशीलता और हित के आधार पर आगे बढ़ें रिश्ते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और चीन के संबंध आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने चाहिए। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए और द्विपक्षीय संबंधों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। अब हमारे पास द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का अवसर है। एक बार फिर, भारत में आपका हार्दिक स्वागत है।”
#WATCH | Delhi: During the bilateral meeting with Chinese President Xi Jinping, PM Narendra Modi says, “I express my gratitude for the support and cooperation received from China during India’s BRICS chairmanship. We now have the opportunity to discuss bilateral cooperation. Once… pic.twitter.com/f0Zdc4ZPIq
— ANI (@ANI) September 12, 2026
जिनपिंग बोले- चीन और भारत की बड़ी जिम्मेदारी
शी जिनपिंग ने कहा कि जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और लगातार बदलती चुनौतियों के बीच चीन और भारत दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्यों के रूप में बड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मानवता के भविष्य और अपने लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए व्यापक BRICS ढांचे के तहत उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
जिनपिंग ने समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व तथा समावेशी और पारस्परिक लाभ वाली आर्थिक वैश्वीकरण व्यवस्था का समर्थन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे विश्व में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
#WATCH | Delhi: During the bilateral meeting with PM Narendra Modi, Chinese President Xi Jinping said, “In the face of a complex international landscape marked by intertwined changes and challenges, China and India, as the world’s two most populous countries and important members… pic.twitter.com/MZff4EpQ6F
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गलवान के बाद भी चीन से भारत का आयात दोगुना
15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार जारी रहा।
आंकड़ों के मुताबिक, 2020-21 में चीन से भारत का आयात करीब 65 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 132 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। यानी गलवान झड़प के बाद चीन से भारत का आयात करीब दोगुना हो गया।
करीब 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं। इससे पहले वह 11 अक्टूबर 2019 को भारत आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के ऐतिहासिक तटीय शहर मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) में उनका स्वागत किया था।
दोनों नेताओं ने पंच रथ और शोर मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया था और अनौपचारिक माहौल में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी।
उस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा कम करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए उच्च स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई थी।
Mamallapuram is one of the most beautiful places in India, full of vibrancy. It is linked to commerce, spirituality and is now a popular tourism centre.
I am delighted that President Xi Jinping and I are spending time in this scenic place, which is also a @UNESCO heritage site. pic.twitter.com/5oH95Rh34p
— Narendra Modi (@narendramodi) October 11, 2019
2016: गोवा BRICS समिट में शामिल हुए थे जिनपिंग
शी जिनपिंग 2016 में गोवा में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आए थे। इस दौरान भी पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई थी।

2014: गुजरात में मोदी-जिनपिंग ने साथ झूला झूला था
शी जिनपिंग सितंबर 2014 में अपनी भारत यात्रा के दौरान सबसे पहले गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे थे। पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर दिल्ली के बजाय अहमदाबाद में उनका स्वागत किया था।
साबरमती नदी के किनारे दोनों नेताओं के साथ झूला झूलने की तस्वीरें उस समय काफी चर्चित हुई थीं। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत गर्मजोशी के लिए भी सुर्खियों में रही थी।







