TMC Symbol Row: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी है।
ममता ने EC के फैसले पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग के फैसले पर ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा, “EC मेरी पार्टी का चुनाव चिह्न कैसे फ्रीज कर सकता है?” उन्होंने कहा कि यह वही चुनाव चिह्न है, जिसके साथ उनकी पार्टी करीब 28 वर्षों से चुनाव लड़ती रही है। ममता ने कहा कि वह न सिर झुकाएंगी और न ही हार मानेंगी, बल्कि इस फैसले के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगी।
ममता ने कहा कि “आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन है।” पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “हम संविधान का अनादर नहीं करते। हम संवैधानिक पद का भी अनादर नहीं करते। लेकिन आज हमें लगता है कि यह हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है।
हमारे देश में जो कुछ हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैरकानूनी, अलोकतांत्रिक और पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है, ताकि एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट किया जा सके। ये लोग कौन हैं? उन्होंने कहा था कि नाम भी नहीं रखने दूंगा, निशान भी नहीं रखने दूंगा…”
Kolkata, West Bengal: Former Chief Minister Mamata Banerjee says, “…We don’t disrespect the constitution. We don’t disrespect the constitutional chair….But we feel today is a black day in our democratic history. What is happening in our country that is very unfortunate,… pic.twitter.com/tw844D7ZpC
— IANS (@ians_india) September 18, 2026
ममता बोलीं: “पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी तोड़ी, फिर NCP को तोड़ा”
TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, “पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी तोड़ी, फिर NCP को तोड़ा। इसके बाद हमें BJP का समर्थन करने के लिए कई तरह की धमकियां मिलीं, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमने देश और जनता के हित में ऐसा नहीं किया। इसी वजह से उन्होंने पहले से ही पूरी योजना बना रखी थी।
फर्जी FIR दर्ज की गईं, फर्जी चुनाव कराया गया, तीन-चार राउंड की मतगणना के बाद काउंटिंग एजेंटों को हटा दिया गया और पूरी प्रक्रिया को हाइजैक कर लिया गया। और इसका मास्टरमाइंड कौन था? यह हमारी शालीनता है कि हम उसका नाम नहीं ले रहे हैं।”
VIDEO | Kolkata, West Bengal: TMC Supremo Mamata Banerjee says, “First they broke Uddhav Thackeray’s party, then they broke the NCP. After that, we received many threats to support the BJP, but we did not. We did not do it in the interest of the country or the people. That is… pic.twitter.com/oGjllPrWGU
— Press Trust of India (@PTI_News) September 18, 2026
ऋतब्रत बनर्जी का ममता पर पलटवार: “उन्हें खुद नहीं पता कि वह क्या कह रही हैं, BJP से अंदरूनी समझौता है”
बागी TMC नेता और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “डॉ. ममता बनर्जी को खुद नहीं पता कि वह क्या कह रही हैं। सबसे पहले हमें पता चला कि वह सात दिनों से कांग्रेस के साथ समझौते की कोशिश कर रही थीं। वह रेजीनगर से खुद चुनाव लड़ना चाहती थीं और नंदीग्राम सीट छोड़ना चाहती थीं। यह एकतरफा फैसला था, जिसे कांग्रेस ने खारिज कर दिया।”
ऋतब्रत बनर्जी ने आगे कहा, “इससे वह इतनी नाराज हो गईं कि डॉ. बनर्जी ने कहा कि संसद में भी हम कांग्रेस के साथ कोई सीट साझा नहीं करेंगे। इसलिए हर कोई जानता है कि उनका BJP के साथ अंदरूनी समझौता है और वास्तव में कोई भी उन पर भरोसा नहीं करता। वह जो कहती हैं, उसका वास्तव में कोई महत्व या प्रासंगिकता नहीं है।”
VIDEO | Rebel TMC leader and Leader of the Opposition in Bengal Assembly Ritabrata Banerjee says, “Dr. Mamata Banerjee herself does not know what she is saying. Firstly, we came to know that for seven days she was trying for an adjustment with the Congress. She wanted to contest… pic.twitter.com/llFC5yncmB
— Press Trust of India (@PTI_News) September 18, 2026
EC ने दोनों गुटों को दिए नए नाम और सिंबल
दरअसल, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दोनों TMC गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है।
वहीं, दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है। ये नाम और सिंबल आगामी उपचुनाव के लिए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर लागू होंगे।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के फैसले के बाद दोनों गुट इन चुनावों में अपने नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे। वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
इस बीच नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया।

मूल TMC नाम और सिंबल पर फैसला अभी बाकी
चुनाव आयोग का मौजूदा फैसला अंतिम तौर पर यह तय नहीं करता कि मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ चुनाव चिह्न का अधिकार किस गुट को मिलेगा। आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों के दावे पर अंतिम फैसला होने तक इनका इस्तेमाल रोक दिया है।
अब ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट याचिका के बाद इस विवाद का कानूनी पहलू भी अहम हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई और आयोग की आगे की प्रक्रिया पर दोनों गुटों की नजर है।






