Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें संस्करण में छात्रों और युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम का विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा, सरकारी भर्ती, रोजगार, परीक्षा और स्कॉलरशिप से जुड़ी अपनी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं।
राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा, “सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है, क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय ऐसे लोगों को बढ़ावा देती है, जिन्हें उन्होंने ‘अंधभक्त’ कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और किसी भी देश को मजबूत बनाने में उनकी बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने छात्रों की खूबियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी खासियत जिज्ञासा है, यानी सवाल पूछने और चीजों को समझने की इच्छा।
उन्होंने कहा कि छात्र अलग-अलग विषयों को समझने के लिए सवाल करते हैं और अलग-अलग विचारों व नजरिए को जानने की कोशिश करते हैं। राहुल गांधी ने छात्रों की मोहब्बत, विनम्रता और ईमानदारी को भी उनकी महत्वपूर्ण खूबियां बताया।
राहुल गांधी ने गिनाईं छात्रों की 4 खासियतें
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र स्वाभाविक रूप से सवाल पूछते हैं और अलग-अलग विषयों को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने छात्रों की चार प्रमुख खूबियां बताईं।
पहली- जिज्ञासा: छात्र सवाल पूछते हैं और चीजों को समझने की कोशिश करते हैं।
दूसरी- मोहब्बत: छात्रों के अंदर दूसरों के प्रति प्रेम और अपनापन होता है।
तीसरी- विनम्रता: छात्र अलग-अलग विचारों और नजरिए को समझने की कोशिश करते हैं। वे दूसरों से लड़ने, धमकाने या डराने की कोशिश नहीं करते।
चौथी- ईमानदारी: राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की एक महत्वपूर्ण खूबी ईमानदारी है। वे ईमानदारी के साथ अपना काम करते हैं।
VIDEO | Madhya Pradesh: At ‘Chhatron Ki Goonj’ event in Indore, Congress leader Rahul Gandhi (@RahulGandhi) says, “What is a student? First and foremost, it is important to understand that students are the future of India. No country can become strong without its students.… pic.twitter.com/paRxDQHuXn
— Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026
राहुल बोले- ‘सिस्टम ने हर संस्था में अपने लोगों को बैठा रखा है’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, “लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है। यह सिस्टम क्या है? सिस्टम की कई परतें हैं। सबसे ऊपर छह लोग बैठे हैं, जो इसे चलाते हैं। नरेंद्र मोदी जी डराने-धमकाने, छात्रों की पिटाई, कील लगे डंडों के इस्तेमाल और पैलेट गन चलाने का काम संभालते हैं। अमित शाह जी इसे चलाते हैं, वह सिस्टम के ‘एनफोर्सर’ हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ये अजित डोभाल जी हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। अनौपचारिक बातचीत में वे कहते हैं कि भारत को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ 500 लोगों को नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने भारत के टेलीफोन, व्हाट्सऐप और फेसबुक के संचार पर नियंत्रण कर रखा है। फोन टैपिंग कराई जाती है और इसकी जानकारी अमित शाह जी और नरेंद्र मोदी जी तक पहुंचाई जाती है।”
राहुल गांधी ने कहा, “बीच में मोहन भागवत जी हैं, जो विचारधारा का काम देखते हैं। उनके संगठन को स्कूल, कॉलेज और संस्थाएं चलाने के लिए हजारों करोड़ रुपये मिलते हैं। एक तरफ अडाणी जी हैं और दूसरी तरफ अंबानी जी हैं… सिस्टम ने हर एक संस्था में अपने लोगों को बैठा रखा है।”
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh: At the ‘Chhatron Ki Goonj’ programme in Indore, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “The struggle is against the system. What is this system? The system has various layers. At the top level sit six individuals who run it. Narendra… pic.twitter.com/5r4unHr3bc
— ANI (@ANI) September 19, 2026
‘सिस्टम स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहता है’
राहुल गांधी ने कहा कि एक छात्र सवाल करता है कि संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं कर रही हैं और युवाओं को पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहे। उन्होंने कहा कि इसी सवाल पूछने की प्रवृत्ति के कारण सिस्टम छात्रों से डरता है।
उन्होंने कहा, “सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट सवाल पूछे, सिस्टम अंधभक्त चाहता है।” राहुल ने ‘स्टूडेंट’ और ‘अंधभक्त’ के बीच अंतर बताते हुए कहा कि छात्र सवाल पूछता है, जिज्ञासु और निडर होता है, जबकि उनके शब्दों में अंधभक्त सवाल नहीं करता।
छात्रों ने बताईं शिक्षा और भर्ती से जुड़ी समस्याएं
कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी भर्तियों में देरी, परीक्षा परिणाम, रोजगार और स्कॉलरशिप जैसे मुद्दे उठाए। कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया।
एक छात्र ने विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनके सवालों का जवाब देना जरूरी है।
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राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था में सरकारी निवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में पर्याप्त पैसा नहीं लगाया जाता तो इसका असर छात्रों के अवसरों और भविष्य पर पड़ता है।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टल और उच्च शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि छात्रों को बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
‘सिस्टम की कई लेयर हैं’
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान ‘सिस्टम’ को समझाने के लिए एक स्लाइड भी दिखाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी व मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए आरोप लगाए कि देश की व्यवस्था और संस्थाओं पर कुछ लोगों का प्रभाव है।
राहुल ने मीडिया, न्यायपालिका, संचार व्यवस्था और अन्य संस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। ये राहुल गांधी द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
‘स्टूडेंट और अंधभक्त में चार अंतर’
राहुल गांधी ने छात्रों और ‘अंधभक्त’ के बीच चार अंतर बताते हुए कहा:
- जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है, वहां अंधभक्त डेल्यूजनल होता है।
- जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है।
- जहां स्टूडेंट निडर होता है, वहां अंधभक्त डरपोक होता है।
- जहां स्टूडेंट महिलाओं की इज्जत करता है, वहां अंधभक्त महिलाओं का अपमान करता है।
BJP-RSS के system को students नहीं, अंधभक्त चाहिए। pic.twitter.com/wzZVh1bFo0
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 19, 2026
शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में शामिल होने की बात
इंदौर में चल रहे शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का भी कार्यक्रम के दौरान जिक्र हुआ। राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़े होने और उनके प्रदर्शन में शामिल होने की पेशकश की।
‘छात्रों की गूंज’ का इंदौर कार्यक्रम इस अभियान का पांचवां संस्करण था। इससे पहले यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित किया जा चुका है।
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